रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस दिवाली दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी और सिक्किम का दौरा करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, वह सैनिकों से मुलाकात करेंगे। साथ ही, वह सिक्किम में शेराथांग युद्ध स्मारक (War Memorial) जाकर उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि देंगे, जिन्होंने देश की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज और कल का समय सैनिकों के साथ बिताएंगे। दिवाली के अवसर पर, वह जवानों से बातचीत करेंगे और शहीद नायकों को नमन करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। आज शाम—दिवाली की पूर्व संध्या पर—रक्षा मंत्री दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी जाएंगे, जहाँ वह बागडोगरा एयरफील्ड पहुँचकर भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों से मिलेंगे। इसके बाद, वह सिक्किम जाएंगे और वहाँ शेराथांग युद्ध स्मारक पर जाकर वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
सैनिकों के साथ दिवाली मनाएंगे रक्षा मंत्री
'X' पर एक पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "आज, दिवाली की पूर्व संध्या पर, मैं दार्जिलिंग के बागडोगरा एयरफील्ड और सुकना (सिलीगुड़ी) में भारतीय सेना के जवानों से मिलूंगा और उनसे बातचीत करूंगा।" उन्होंने आगे कहा, "कल (8 नवंबर), दिवाली के दिन, मैं सिक्किम में शेराथांग युद्ध स्मारक जाऊंगा और उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि दूंगा, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। मैं इस क्षेत्र में तैनात हमारे सैनिकों से भी मुलाकात करूंगा और उनसे बातचीत करूंगा।" प्रधानमंत्री मोदी भी दिवाली पर सैनिकों से मिलने की परंपरा निभाते आ रहे हैं; पिछले कई वर्षों से वह उनके साथ ही यह त्योहार मनाते रहे हैं।
'चिकन्स नेक' (Chicken's Neck) दौरे का महत्व
गौरतलब है कि सिलीगुड़ी से लेकर सुकना और सिक्किम तक का क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इस इलाके को भारत का 'चिकन्स नेक' (एक संकरा गलियारा) कहा जाता है, जो बांग्लादेश, नेपाल और भूटान के बीच स्थित है। राजनाथ सिंह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब हाल ही में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़पों की खबरें सामने आई हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने बताया कि भारत और चीन के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने तैनात हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ज़मीन पर तैनात 'शौर्य कमांडो' टीमों ने बहुत बेहतरीन काम किया है।