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योग हमारा, लेकिन कमाई कर रहे चीन, अमेरिका और जर्मनी
योगा मैट से करोड़ों की कमाई नई दिल्ली। पूरी दुनिया वर्तमान में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को अपना रही है। जीवन में योग के इसी महत्व को दर्शाने के लिए पूरा विश्व हर साल इंटरनेशनल योगा डे मनाता है। 21 जून को इंटरनेशनल योगा डे मनाया जाएगा। योग अब धीरे-धीरे एक बड़ा बाजार भी बन चुका है।.
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019 तक पूरी दुनिया में योग का कारोबार 3 लाख करोड़ रुपये का हो चुका था। रिपोर्ट में ये भी अनुमान लगाया गया था कि साल 2027 तक बाजार 75 प्रतिशत बढ़कर 5 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। योग का बाजार लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है।
योग करने के लिए पूरी दुनिया में योगा मैट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसकारण योगा मैट का कारोबार भी बढ़ता जा रहा है। यूके, यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में योग मैट का खूब इस्तेमाल हो रहा है। भारत में भी लोग जमकर योग मैट खरीदते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, योग मैट सबसे ज्यादा जर्मनी, यूएसए और चीन में बनते हैं।
इन मैट को स्टिकी मैट न कहकर योग मैट का नाम मिल चुका है। अब नाइकी और रीबॉक जैसी बड़ी कंपनियां भी योग मैट को बेच रही हैं। योग मैट की इंडस्ट्री बिलियन डॉलर की हो चुकी है। भारत में योग मैट का अभी निर्माण नहीं हो रहा है। यहां पर ज्यादातर योग मैट चीन से ही आती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए चीन से योग मैट आयात किए गए थे। जिसके लिए भारत ने 92 लाख रुपये खर्च किए थे।
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