मप्र में रोज दम तोड़ रहे 38 लोग, हो रहे 164 रोड एक्सीडेंट भोपाल । मध्यप्रदेश की सड़कों पर रोज 164 दुर्घटनाएं हो रही हैं। हादसों में प्रतिदिन 38 लोग दम तोड़ रहे हैं। जल्दबाजी और रफ्तार हादसों की सबसे बड़ी वजह है। ट्रैफिक पुलिस और यातायात विभाग के तमाम दावों के बावजूद सड़क हादसों का आंकड़ा कम होने के बजाय बढ़ा है। इस साल के शुरुआती तीन महीनों में 14752 सड़क हादसों में 3468 लोगों ने जान गंवाई है। 15223 लोग घायल हुए हैं। इस साल सड़क हादसों में 3.4 फीसदी तो मृतकों की संख्या में 4.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जबकि 2022 में जनवरी, फरवरी और मार्च में 14269 हादसे हुए थे। 3319 लोगों की मौत हुई थी जबकि 15010 लोग घायल हुए थे।
पूरे साल की बात करें तो 54432 सड़क हादसों में 13432 लोगों की मौत हुई थी जबकि 68595 लोग घायल हुए थे। गंभीर घायलों की संख्या 6948 थी। पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के शोध के मुताबिक प्रदेश में सबसे अधिक सड़क हादसे नगरीय निकायों और ग्रामीण सड़कों पर हुए हैं।
सड़कों पर 28743 हादसों में 6245 लोगों की मौत हुई जबकि नेशनल हाईवे पर 13860 हादसों में 4025 लोगों की मौत हुई। एक साल में स्टेट हाईवे पर 11829 हादसों में 3157 लोगों ने अपनी जान गंवाई। वाहनों की सीधी टक्कर के 10798 मामलों में 2668 लोगों ने जान गंवाई- हिट एंड रन के सबसे अधिक मामले सामने आए। वर्ष 2022 में 12250 हिट एंड रन हादसों में 3509 लोगोंं की मौत हुई। 12709 घायल हुए। वहीं वाहनों की सीधी टक्कर के 10798 मामलों में 2668 लोगों ने जान गंवाई और 10666 घायल हुए। वाहनों को पीछे से टक्कर मारने के 9931 हादसे हुए। 2289 लोगों की मौत हुई। 9153 घायल हुए।
सुबह और शाम होते हैं अधिक हादसे सबसे कम हादसे सुबह तीन से छह बजे के बीच- शाम छह से रात 9 बजे के बीच वर्ष 2022 में 11237 सड़क हादसे हुए। 3095 लोगों की मौत हुई जबकि 10889 लोग घायल हुए। दोपहर तीन से शाम छह बजे के बीच हुए 10389 सड़क हादसों में 2403 लोगों की सांसें थमीं और 10271 लोग घायल हुए। रात 9 से 12 बजे के बीच एक्सीडेंट में 1951 लोगों की मौत हुई। 6954 लोग घायल हुए। सबसे कम हादसे सुबह तीन से छह बजे के बीच दर्ज किए गए। इस दरमियान 500 की मौत हुई। 2060 लोग घायल हुए।
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