मुंबई । वित्त मंत्रालय की कमान संभालने के बाद विधायकों के फंड वितरण को लेकर अजित पवार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने एनसीपी, शिंदे सेना और बीजेपी के विधायकों को खुश कर दिया है, लेकिन विरोधी दलों ने नाराजगी व्यक्त की है। पूरक मांगों में पवार ने विधायकों के मतदाता क्षेत्र के विकास के लिए पूरक मांगों में 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
हर एक विधायक को 25 से 50 करोड़ का फंड उपलब्ध कराया गया है। कुछ विधायकों को 40 करोड़ का फंड भी दिया है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार को देवलाली विधानसभा क्षेत्र से एनसीपी विधायक सरोज अहिरे ने समर्थन दिया था। बाद में उन्होंने अजित पवार गुट में शामिल हो गई। उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 40 करोड़ का फंड दिया है। निधि आवंटन में अजित पवार गुट के समर्थक विधायकों को ज्यादा धनराशि दी गई है।
इसलिए यह भी कहा जा रहा है कि विधायक विकास निधि के लिए ही अजित पवार के साथ हैं। शरद पवार की एनसीपी के कट्टर विरोधी जयंत पाटील के मतदान क्षेत्र के लिए भी पवार ने पर्याप्त फंड दिया है। विपक्ष ने इस पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि उन्हें फंड नहीं दिया गया है। इस मामले को वे इस सप्ताह विधानमंडल के दोनों सदनों में उठाएंगे।
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