इंदौर/पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा भगवान शिव के रुद्राभिषेक पर इन्दौरी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो के बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला ने जन्मभूमि मथुरा और ज्ञानवापी काशी का जिक्र करते उन्हें पत्र लिखा जिसका जवाब देते मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी, मीडिया विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष व इंदौर के मीडिया प्रभारी संतोष सिंह गौतम ने उन्हें लिखा कि आपके द्वारा उनको लिखे पत्र में भोलेनाथ को लेकर आपके द्वारा जाहिर की गई चिंता के बाद महाकाल लोक घोटाले के संबंध में आपका अभिमत जानने की जिज्ञासा है। गौतम ने अपने पत्र समिति मेंदोला को लिखा कि मान्यवर, मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि 30 जुलाई को माननीय कमलनाथ जी द्वारा इंदौर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने को लेकर आपने भोलेनाथ और सनातन हिंदू समाज को लेकर कुछ चिंताएं और अपेक्षाएं जाहिर की हैं। बड़े हर्ष का विषय है कि आप इन मुद्दों को लेकर इतने संवेदनशील व गंभीर हैं...
लिहाजा आप महाकाल लोक घोटाले को लेकर भी बेहद व्यथित होंगे... द्रवित होंगे... विचलित होंगे! जाहिर है कि इस घोटाले में शामिल सरकारी तंत्र, सत्ताधारी पार्टी व उसके जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, और अन्य जिम्मेदार लोग बेहद बेईमान, धूर्त, निकृष्ट, भ्रष्टाचारी और पाखंडी होंगे जिन्होंने भगवान महाकाल को भी चूना लगाने का बेहद घृणित और निंदनीय प्रयास किया है!
ऐसे में पता कीजिए कि प्रदेश में किस दल की सरकार है और कौन मुख्यमंत्री है जो भ्रष्टों, धूर्तों, अधर्मियों, और पाखंडियों को संरक्षण दे रहा है, वह बेईमानों पर अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर पाया है! क्या महाकाल लोक घोटाले में उसका भी हिस्सा है! उसकी अकर्मण्यता और रहस्यमय खामोशी का कारण क्या है?
अगर आप महाकाल लोक घोटाले के गहरे सदमे से उबर गए हों तो दोषियों का पता लगाइये! प्रदेश में जो भी भ्रष्ट सरकार काबिज हो उसके नाकारा मुख्यमंत्री से अविलंब इस्तीफा मांगिये! गौतम ने यह भी लिखा कि, आप तो पहले से ही जानते हैं और मैं भी आपको विनम्रतापूर्वक बताना चाहता हूं कि भगवान शिव छल-कपट सहन नहीं करते हैं! इसलिए उनका नाम भोलेनाथ है! यदि आप राजनीतिक प्रपंच के चलते भक्ति का ढोंग कर रहे हैं! खुद की पार्टी के पाखंड और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिये दूसरों को घेरने का प्रयास कर रहे हैं, घोटालेबाजों को बचा रहे हैं तो महोदय मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि भगवान शिव का एक नाम भयंकर रूप धारण कर संहार करने वाला उग्र भी है, उनका क्रोध भाजपा के विसर्जन के लिए कहर बन कर बरपेगा।
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बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला और कांग्रेस मीडिया प्रभारी का संतोष गौतम के इस पत्र संग्राम के कुछ सार्थक नतीजे भी आते हैं या सिर्फ चुनावी चकल्लस बन कर रह जायेगा यह तो वक्त ही बताएगा। फिलहाल तो विधायक के पत्रबाण पर मीडिया प्रभारी ने बूमरिंग छोड़ा है।