-जिले के कई क्षेत्र जलमग्न नर्मदा सहित सहायक नदियां उफान पर,
खरगोन । जिले में 24 घंटे में 10 इंच वर्षा होने से नर्मदा नदी उफान पर आने से एक व्यक्ति डूब गया वही भीकनगांव थाना क्षेत्र के पुनस्ला में बाढ़ की चपेट में आने के कारण एक कार बह गई नर्मदा, कुंदा,वेदा,माहेश्वरी नदी सहित अन्य सहायक नदी नाले उफान पर आ गए है जिले में सर्वाधिक 10 इंच वर्षा महेश्वर में दर्ज की गई है ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलने से नर्मदा नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ाने के कारण प्रशासन ने नर्मदा क्षेत्र के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है खरगोन जिले में 10 इंच वर्षा होने के कारण नर्मदा का रूद्र रूप देखने को मिला है नर्मदा किनारे बने मां अहिल्या देवी घाट को नर्मदा का पानी प्रवेश कर किले के अंदर तक पहुंच गया है वहीं माहेश्वरी नदी के ऊफान पर आने के कारण मद्रासी बाबा के आसपास निचले इलाकों का क्षेत्र लोगों ने खाली कर दिया गया है जिले के नर्मदा किनारे बसे गांव के शालीवाहन मंदिर के पास बच्ची माई की मढ़ी आश्रम से सामान निकालने के दौरान मदन केवट नर्मदा के रुद्र रूप की चपेट में आने से डूब गया
वही जिले भीकनगांव थाना क्षेत्र के पुनस्ला में बाढ़ के तेज बहाव में आने से कार बह गई समय रहते कार में सवार सभी लोग सुरक्षित निकल गए थे ओंकारेश्वर पॉवर स्टेशन के बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ प्रभारी ने संबंधित जिला कलेक्टर्स सहित ग्रामीणजनों,नाविको और श्रद्धालुओं को अलर्ट किया है। कसरावद रेस्ट हाउस में कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा और पुलिस अ्रधीक्षक धर्मवीरसिंह से भी जलमग्न गावों में स्थिती का जायजा लिया। श्री यादव ने कलेक्टर से प्रभावित गावों मे तत्काल राहत केम्प लगाकर भोजन पानी की व्यवस्था कराये जाने की बात कहीं। कसरावद विधानसभा क्षेत्र के सचिन यादव ने बताया कि नर्मदा की बाढ़ से ऐतिहासिक सालिवाहन मंदिर और आश्रम जलमग्न हो जाने से मदन केवट नर्मदा की बाढ़ में बह गये है। श्री यादव ने मदन केवट के परिवारजनों को सांत्वना दी। श्री यादव ने नर्मदा किनारे के ग्रामिणों से सुरक्षा और सर्तकता बरतने की भी अपील की है।
ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर 196.50 मीटर है।अपस्ट्रीम स्थित इंदिरा सागर बांध से करीब 33000 क्युमेक पानी छोड़ा जाना है। अतिवृष्टि के कारण और अधिक पानी छोड़े जाने की सम्भावना है। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को सुबह 10ः15 बजे ओंकारेश्वर बांध के गेटों से 42000 क्युमेक पानी छोड़ा गया है। गेट खोलने से नर्मदा नदी के डाउनस्ट्रीम में पानी तेजी से बढ़ेगा। जिसके चलते नर्मदा नदी और घाटों और किनारों पर पानी का बहाव अधिक होने से नाविकों, श्रद्धालूओं व ग्रामीणजनों को दूर रहने की चेतावनी दी है।
Comments About This News :
Submit A Comment
Subscription Successfully......!
Error Please Try Again & Check Your Connection......!
Fatal error: Uncaught ArgumentCountError: trim() expects at least 1 argument, 0 given in /home/webhutor/dainikbejodratna.com/include/footer.php:185
Stack trace:
#0 /home/webhutor/dainikbejodratna.com/include/footer.php(185): trim()
#1 /home/webhutor/dainikbejodratna.com/news-details.php(953): include('/home/webhutor/...')
#2 {main}
thrown in /home/webhutor/dainikbejodratna.com/include/footer.php on line 185