भोपाल । मध्य प्रदेश के 9000 पटवारी के लिए भर्ती परीक्षा में भारी गड़बड़ घोटाला हुआ था। इसकी जांच के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने राजेंद्र वर्मा आयोग का गठन किया था। जस्टिस राजेंद्र वर्मा आयोग ने पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच करने के बाद, अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत कर दी है। इस रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है।
15 मार्च से 26 अप्रैल 2023 के बीच 9000 से अधिक पटवारी पद के लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा परीक्षा आयोजित की गई थी। ग्वालियर के एक ही केंद्र में 10 मैं 7 टॉपर आने के बाद परीक्षा में की गई धांधली को लेकर,भारी बवाल मचा था। यह सेंटर एक भाजपा नेता से जुड़ा हुआ था। प्रदेश भर में इसको लेकर भारी प्रदर्शन हुए थे।
तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने न्यायमूर्ति राजेंद्र वर्मा की अध्यक्षता में आयोग गठित किया था। 31 अगस्त तक आयोग को रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। तय समय पर जांच पूरी नहीं हुई,तीन बार आयोग का समय बढ़ाया गया। आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव वीर राणा को सौंप दी है।
आयोग की रिपोर्ट मिल जाने के बाद अब सरकार को, पटवारी भर्ती की परीक्षा को लेकर अंतिम निर्णय लेना है। नई परीक्षा आयोजित की जाए, अथवा जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष के आधार पर सरकार कोई अन्य निर्णय भी ले सकती है।
Comments About This News :
Submit A Comment
Subscription Successfully......!
Error Please Try Again & Check Your Connection......!