भोपाल। मध्यप्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में बादल छाने लगे हैं, साथ ही गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना बन गई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक दतिया एवं गुना में बूंदाबांदी हुई। उधर, हवा का रुख बदलने एवं बादल छाने के कारण रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे कम 8.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दतिया में रिकार्ड किया गया।
हिल स्टेशन पचमढ़ी में रात का पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस पर रहा। राजधानी में न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शनिवार के न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस की तुलना में चार डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार-सोमवार को ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन एवं भोपाल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। उसके प्रभाव से राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बन गया है। इसके अतिरिक्त उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी लगातार बना हुआ है।
उधर, हवाओं के साथ नमी आने के कारण रविवार-सोमवर को ग्वालियर, चंबल, सागर, भोपाल, उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत से आगे बढ़ने के बाद छह-सात फरवरी से फिर हवाओं का रुख बदलने से रात के तापमान में गिरावट होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि इन मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं का रुख दक्षिण-पूर्वी हो गया है। इस वजह से जहां रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है, वहीं दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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