राहुल गांधी मलेशिया यात्रा पर थे। इस दौरान उन्होंने सीआरपीएफ को इसकी जानकारी नहीं दी। इसी वजह से सीआरपीएफ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी दी है।
कांग्रेस पार्टी के नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर येलो बुक के नियमों का उल्लंघन किया है। सीआरपीएफ ने पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। राहुल गांधी ने मलेशिया यात्रा के दौरान नियमों का उल्लंघन किया। ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही सीआरपीएफ ने पत्र लिखकर राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस बारे में जानकारी दी है। सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, इससे वीवीआईपी की सुरक्षा को खतरा है।
राहुल गांधी ने अपनी विदेश यात्राओं के दौरान बार-बार सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। इसी वजह से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने 10 सितंबर 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में सीआरपीएफ के वीवीआईपी सुरक्षा प्रमुख सुनील जून ने राहुल गांधी की लापरवाही पर चिंता जताई थी। पत्र में कहा गया था कि राहुल बिना पहले से बताए विदेश यात्राओं पर जाते हैं। इससे उनकी ज़ेड प्लस सुरक्षा को गंभीर ख़तरा है।
येलो बुक क्या है?
भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अलावा, अन्य सभी वीवीआईपी की सुरक्षा कई नियमों और दिशानिर्देशों के आधार पर तय होती है। वीवीआईपी को इन नियमों का पालन करना होता है। ये सभी नियम और दिशानिर्देश गृह मंत्रालय द्वारा एक पुस्तक में लिखकर वीवीआईपी को दिए जाते हैं। इस पुस्तक को येलो बुक कहा जाता है। राहुल गांधी अलग-अलग समय पर इसके नियमों का उल्लंघन करते रहे हैं।
राहुल गांधी बार-बार नियम क्यों तोड़ रहे हैं?
येलो बुक के नियमों का उल्लंघन किसी भी नेता के लिए कोई नई बात नहीं है। राहुल गांधी से पहले भी कई नेता येलो बुक के नियमों का उल्लंघन करते रहे हैं। राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी पर भी सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगा था। राहुल गांधी कभी कई लोगों से मिलने के लिए तो कभी अपनी निजता बनाए रखने के लिए ऐसा करते रहे हैं। पिछले 9 महीनों में येलो बुक के नियमों का 6 बार उल्लंघन किया गया। 2020 से अब तक कुल 113 बार प्रोटोकॉल तोड़े जा चुके हैं, जिसमें भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भीड़ में घुसना भी शामिल है।
इस बार राहुल ने क्या किया?
'येलो बुक' प्रोटोकॉल के तहत, ज़ेड प्लस एडवांस सिक्योरिटी लाइजन सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को विदेश यात्रा से कम से कम 15 दिन पहले सीआरपीएफ को सूचित करना आवश्यक है। हालाँकि, राहुल गांधी ने इटली, वियतनाम, दुबई, कतर, लंदन और मलेशिया जैसी यात्राओं के दौरान ऐसा नहीं किया। सीआरपीएफ के पत्र में भविष्य में इस प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है, क्योंकि इससे वीवीआईपी सुरक्षा कमज़ोर होती है और ख़तरा बढ़ता है।