मोथाबाड़ी में चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चुनाव आयोग ने सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि यदि हालात बिगड़ते हैं, तो वे स्थिति को नियंत्रण में लाएं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने बेहद सख्त रुख अपनाया हुआ है। मालदा जिले के मोथाबाड़ी में हुई एक घटना के बाद, आयोग ने कानून-व्यवस्था के मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस पर्यवेक्षकों को विशेष निर्देश जारी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि किसी भी सूरत में चुनावी प्रक्रिया में कोई भी बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
**30 मिनट के भीतर केंद्रीय बलों की तैनाती**
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि किसी भी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो, तो पुलिस पर्यवेक्षक तत्काल केंद्रीय बलों को बुला सकते हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी संवेदनशील या तनावपूर्ण स्थिति में, 30 मिनट के भीतर केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि हालात बिगड़ने से पहले ही स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके।
**चुनाव आयोग का एक बड़ा कदम**
यह गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने मालदा के मोथाबाड़ी इलाके में हाल ही में हुई एक घटना के बाद यह कदम उठाया है। आयोग का मानना है कि चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या अशांति को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। इसी के चलते, पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय को और मजबूत करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
**दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई**
चुनाव आयोग के इस फैसले को पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। आयोग ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की धांधली या हिंसा के प्रति "शून्य सहनशीलता" (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।