आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस पार्टी के अंदर चल रही आपसी कलह पर टिप्पणी की है। इसी बीच, उन्होंने सचिन पायलट को लेकर भी एक अहम बात कही है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह की वजह राहुल गांधी को बताया है और सीधे उन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट के खिलाफ साजिश रची गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस झगड़े की जड़ अशोक गहलोत नहीं, बल्कि दिल्ली है; राहुल गांधी ही इस विवाद की असल वजह हैं।
उन्होंने कहा, "पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू के जरिए अमरिंदर सिंह को अपमानित किया गया, और बाद में चन्नी के जरिए नवजोत सिंह सिद्धू को अपमानित किया गया।" प्रमोद कृष्णम ने आगे कहा, "वे आग लगाते हैं और फिर दूर खड़े होकर तमाशा देखते हैं। सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने का कोई इरादा नहीं था, इसलिए अशोक गहलोत का इस्तेमाल मोहरे के तौर पर किया गया।"
गहलोत सत्ता के भूखे इंसान हैं – आचार्य प्रमोद कृष्णम
अशोक गहलोत के बारे में बात करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, "वे सत्ता के लालची व्यक्ति हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह जगजाहिर है कि धृतराष्ट्र जन्म से अंधे थे, लेकिन अपने बेटे के प्रति मोह ने उन्हें मानसिक रूप से भी अंधा बना दिया था। ठीक वैसे ही, अशोक गहलोत भी सत्ता की कुर्सी की अपनी स्वार्थी चाहत में अंधे हो गए हैं।"
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी और उनकी टीम सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती थी, और अब भी नहीं चाहती। सवाल यह है कि अगर सिद्धारमैया को हटाया जा सकता था और अमरिंदर सिंह को हटाया जा सकता था, तो अशोक गहलोत को क्यों नहीं हटाया गया? अगर अशोक गहलोत ने कांग्रेस आलाकमान की बात नहीं मानी, तो उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया गया? सचिन पायलट एक बड़ी साजिश का शिकार हुए हैं।"
सचिन पायलट को कमान नहीं सौंपी जाएगी – आचार्य प्रमोद कृष्णम
प्रमोद कृष्णम ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि सचिन पायलट को राजस्थान की कमान सौंपी जाएगी, क्योंकि लोग उनमें काबिलियत देखते हैं। राहुल गांधी किसी भी ऐसे नेता को बर्दाश्त नहीं कर सकते जो होनहार हो। जब तक उनका करीबी गुट बना रहेगा, कांग्रेस के लिए कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। कांग्रेस पार्टी धीरे-धीरे हर जगह खत्म हो रही है—चाहे वह राजस्थान हो, पंजाब हो या उत्तर प्रदेश। इस झगड़े की असली वजह अशोक गहलोत नहीं, बल्कि राहुल गांधी हैं।