होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक कमर्शियल जहाज़ पर हमले के बाद, अमेरिका ने इस हफ़्ते ईरान के ख़िलाफ़ अपनी तीसरी सैन्य कार्रवाई शुरू की है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है। रविवार को, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज़ पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के ख़िलाफ़ इस हफ़्ते की अपनी तीसरी सैन्य कार्रवाई शुरू की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज़ M/V GFS गैलेक्सी पर किए गए हमले के जवाब में थी।
**जहाज़ पर हमला; एक क्रू मेंबर लापता**
CENTCOM के अनुसार, ऑपरेशन रविवार रात (भारतीय मानक समय) शुरू हुआ। हमले के कारण जहाज़ में आग लग गई और इंजन रूम को भारी नुकसान पहुँचा, जिससे वह अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ हो गया। एक क्रू मेंबर के लापता होने की सूचना है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, "ईरान ने गलत फ़ैसला किया; अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।"
**ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबरें**
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद कई शहरों—जिनमें असलुयेह, बंदर अब्बास, सिरिक, बंदर-ए-देर और चाबहार शामिल हैं—में ज़ोरदार धमाके सुने गए। विभिन्न स्थानों पर कई धमाकों की पुष्टि भी हुई है।
**होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा**
इससे पहले रविवार को, IRGC ने दावा किया था कि एक जहाज़ ने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके बिना अनुमति के एक तय रास्ते से गुज़रने की कोशिश की और चेतावनी के बावजूद अपना रास्ता नहीं बदला। इसके बाद जहाज़ पर चेतावनी के तौर पर गोलियाँ चलाई गईं। ईरान ने अगले आदेश तक सभी समुद्री यातायात के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की भी घोषणा की। ईरान ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस घटना के आधार पर और हमले करता है, तो क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
**राजनयिक कोशिशें जारी, लेकिन तनाव बरकरार**
शनिवार को, अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से मांग की थी कि ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोले और कमर्शियल जहाज़ों पर हमले बंद करे। इस बीच, ओमान और कतर की मध्यस्थता में मस्कट में बातचीत चल रही है। ईरान ने दोहराया है कि आगे की बातचीत से पहले अमेरिका को होर्मुज़ जलडमरूमध्य और तेल निर्यात से संबंधित मौजूदा समझौतों का पालन करना होगा। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई ने वैश्विक तेल बाज़ार में भी चिंता बढ़ा दी है।