केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बागपत में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के विवादित पोस्टर लगाए जाने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को अपनी मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए और अपनी सीमा में रहना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के बागपत में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के विवादित पोस्टर लगाए जाने की घटना पर केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने बयान जारी किया है। जयंत चौधरी ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि पोस्टर किसने लगाए या इसके पीछे क्या मकसद था।
उन्होंने कहा कि राजनीति में थोड़ा आक्रामक होना स्वाभाविक है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। जयंत चौधरी ने अपने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपनी सीमा—यानी "लक्ष्मण रेखा"—को पार न करें, चाहे दूसरी पार्टी कितनी भी उकसाने वाली हरकत क्यों न करे, और ऐसी उकसावे वाली हरकतों पर प्रतिक्रिया न दें।
**विपक्ष को गन्ना किसानों के हितों के लिए बात करनी चाहिए: जयंत**
इस बीच, जयंत चौधरी ने चीनी की बढ़ती कीमतों और महंगाई के मुद्दों पर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ने की पेराई का नया सीजन शुरू होने वाला है और इसी दौरान गन्ने का दाम तय किया जाएगा। गन्ने का दाम किसानों के लिए एक अहम मुद्दा है। ऐसे समय में, महंगाई और चीनी की कीमतों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, विपक्ष को गन्ना किसानों के हितों की वकालत करनी चाहिए।
**अखिलेश यादव गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग कर सकते थे: जयंत**
जयंत चौधरी ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए अखिलेश यादव सरकार से मौजूदा सीजन के लिए गन्ने का दाम बढ़ाने की मांग कर सकते थे। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े इस अहम मुद्दे को उठाने के बजाय, विपक्ष चीनी की कीमतों और महंगाई पर ध्यान दे रहा है। जयंत चौधरी के अनुसार, किसानों के हितों के समर्थन में मज़बूत आवाज़ उठाना विपक्ष की ज़िम्मेदारी है।