कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने राम मंदिर के पहले CEO के तौर पर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) की नियुक्ति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका काम तो विमान उड़ाना है। उन्होंने तर्क दिया कि मंदिर का प्रबंधन उन्हीं लोगों पर छोड़ दिया जाना चाहिए जो खुद मंदिर से जुड़े हैं।
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का CEO नियुक्त किया गया है। इस पर कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि मंदिर के कामकाज मंदिर से जुड़े लोगों द्वारा ही संभाले जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS को राम मंदिर प्रोजेक्ट में पैसा दिख रहा है और अब वे इसे लालच की नज़र से देख रहे हैं।
इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा, "यह काम साधु-संतों का है। अब एक एयर मार्शल—जो विमान उड़ाते हैं—RSS के जाल में फंस गए हैं। क्या उन्हें भी आखिर में अपमानित करके बाहर निकाल दिया जाएगा? यह कैसा तमाशा है?"
उन्होंने आगे कहा, "मंदिर का काम उन लोगों पर छोड़ दिया जाना चाहिए जो मंदिर से जुड़े हैं। अब जब RSS को राम मंदिर प्रोजेक्ट में पैसा दिख रहा है, तो वे इसे लालची नज़रों से देख रहे हैं..."
**कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियों पर प्रतिक्रिया**
इस बीच, जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को मिल रही धमकियों पर बात करते हुए इमरान मसूद ने कहा, "चुनाव नजदीक हैं और हमले हो सकते हैं। आतंकवादी हमले, धमकियां और नफरत फैलाना—ये चीजें खासकर चुनाव के समय ही सामने आती हैं। और इससे किसे फायदा होता है? फायदा उसी को होता है जो इसके लिए जिम्मेदार है।"
**जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले CEO**
गौरतलब है कि बुधवार को राम मंदिर ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया। ट्रस्ट की एक अहम बैठक के बाद उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हैं; राम मंदिर के CEO के तौर पर उनकी नियुक्ति को मंदिर के प्रशासन को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।