कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 28 सितंबर को ज़िला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल ने शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर ज़ोरदार हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठे हैं और दावा किया कि आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा है।
पाटिल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में भी विवादित टिप्पणी की और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि देश भर में करोड़ों मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ समझौता किया गया है।
**महाराष्ट्र, हरियाणा और बंगाल में गड़बड़ी के आरोप**
महाराष्ट्र, हरियाणा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में हुए चुनावों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, पश्चिम बंगाल में लाखों मतदाताओं के नामों को लेकर सवाल उठे हैं।
**'वोट की चोरी' के ख़िलाफ़ विरोध करेगी कांग्रेस**
कांग्रेस प्रभारी ने घोषणा की कि पार्टी 28 सितंबर को राज्य के सभी ज़िला मुख्यालयों पर 'वोट की चोरी' के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर राज्य स्तर पर पहले ही विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। पाटिल ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उनसे बातचीत कर रहे हैं और पेपर लीक जैसे मामलों में कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है।
संगठन और सरकार के बीच तालमेल से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए रजनी पाटिल ने कहा कि राज्य कांग्रेस संगठन और राज्य सरकार के बीच पूरा तालमेल है। उन्होंने कहा कि हालांकि कुछ आंतरिक मतभेद होना स्वाभाविक है - यहां तक कि परिवारों में भी - लेकिन कांग्रेस पार्टी के भीतर कोई बुनियादी मतभेद या व्यक्तिगत मनमुटाव नहीं है।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक, ज़िला और राज्य स्तर पर कमेटियां पहले ही गठित की जा चुकी हैं और संगठन को जल्द ही बूथ स्तर तक और मज़बूत किया जाएगा। कैबिनेट विस्तार की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री की ओर से कोई प्रस्ताव आता है, तो...