इनकम टैक्स रिटर्न भरने की समय-सीमा हाल ही में एक बार फिर बढ़ा दी गई है। जिन बिज़नेस और टैक्सपेयर्स का टैक्स ऑडिट होना है, उन्हें अब यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए 21 दिन और मिल गए हैं।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उन कंपनियों और बिज़नेस को बड़ी राहत दी है जिनका टैक्स ऑडिट होना ज़रूरी है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट भरने की समय-सीमा 21 दिन बढ़ा दी गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने सोमवार को इसकी घोषणा की।
जिन कंपनियों और बिज़नेस के अकाउंट्स का टैक्स ऑडिट होना है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की समय-सीमा 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर, 2026 कर दी गई है।
**ऑडिट की समय-सीमा भी बढ़ाई गई**
इसके साथ ही, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की समय-सीमा भी 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर, 2026 कर दी गई है। इसका मतलब है कि जिन बिज़नेस और कंपनियों का टैक्स ऑडिट होना है, उन्हें अब अपनी रिपोर्ट और रिटर्न तैयार करने के लिए 21 दिन अतिरिक्त मिलेंगे। इस कदम से उन्हें काफी राहत मिली है।
**समय-सीमा क्यों बढ़ाई गई?**
यह समय-सीमा टैक्स एक्सपर्ट्स और बिज़नेस मालिकों की लगातार मांगों के बाद बढ़ाई गई है। उनका कहना था कि इस बार कम समय में टैक्स से जुड़े कई काम पूरे करने थे। बिज़नेस को इनकम टैक्स के आंकड़ों, GST रिकॉर्ड और अकाउंटिंग डेटा का मिलान करना था—एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें काफी समय लगता है। इसके अलावा, सितंबर में टैक्स फाइलिंग की कई समय-सीमाएं थीं। त्योहारों की छुट्टियों और बैंकिंग से जुड़ी समस्याओं के कारण भी काम का दबाव बढ़ गया था।
**सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स पर कोई असर नहीं**
ध्यान देने वाली बात है कि सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स के लिए ITR भरने की समय-सीमा 31 जुलाई, 2026 थी। वहीं, बिज़नेस मालिकों या प्रोफेशनल्स जिनके अकाउंट्स का ऑडिट ज़रूरी नहीं था, उनके लिए समय-सीमा 31 अगस्त, 2026 थी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार, असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 31 अगस्त तक 7.8 करोड़ से ज़्यादा ITR फाइल किए जा चुके थे।