अमेरिकी कांग्रेसवुमन प्रमिला जयपाल ने भारत में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से 130 मिलियन (13 करोड़) नाम हटाए जाने के आरोपों पर चिंता जताई है। भारत ने इसे किसी दूसरे देश की चुनावी प्रक्रिया में दखलंदाजी करार दिया है।
भारत ने SIR प्रक्रिया को लेकर अमेरिकी कांग्रेसवुमन प्रमिला जयपाल के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनके बयानों को पूरी तरह से निराधार और बिना सही जानकारी के दिया गया बयान बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां एक लोकतांत्रिक देश की चुनावी प्रक्रिया में सीधा हस्तक्षेप हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा रवैया लोकतंत्र की नींव को ही कमजोर करता है।
भारतीय मूल की अमेरिकी कांग्रेसवुमन प्रमिला जयपाल ने भारत में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से लगभग 130 मिलियन (13 करोड़) नाम हटाए जाने पर चिंता जताई थी। उन्होंने इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को 'लोकतंत्र-विरोधी' कदम बताया। जयपाल ने इस मुद्दे को लेकर भारत में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों का भी समर्थन किया।
इसके अलावा, भारत ने अमेरिका के इलिनोइस राज्य में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी (मास शूटिंग) करने की कथित साजिश पर भी चिंता जताई है। भारत का कहना है कि इस घटना से अमेरिका में नस्लीय द्वेष और भारत-विरोधी नफरत को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम इलिनोइस के अरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर मास शूटिंग करने की कथित साजिश की खबरों को लेकर बेहद चिंतित हैं।" उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई का संज्ञान लिया है, जिसमें संदिग्ध की गिरफ्तारी और हिरासत, तथा उसके खिलाफ लगाए गए आरोप शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय: भारतीयों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी
उन्होंने कहा, "इस घटना से अमेरिका में नस्लीय द्वेष और भारत-विरोधी नफरत को लेकर बढ़ती चिंताएं और गहरी हो गई हैं।" "नफरत से प्रेरित हिंसा के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस' (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाने, अधिक सतर्क रहने और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।" विदेश मंत्रालय (MEA) के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की गहन जांच करेंगे, दोषियों को न्याय के दायरे में लाएंगे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे।"