गृह मंत्रालय (MHA) ने पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार से उन हालिया घटनाओं के बारे में जवाब मांगा है, जिनमें राज्य में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग शामिल थे। MHA ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस पर स्पष्टीकरण मांगा है।
मंत्रालय ने पंजाब सरकार से उन घटनाओं के संबंध में जवाब मांगा है, जिनमें नशा-विरोधी अभियानों से जुड़े कार्यकर्ता शामिल थे। विशेष रूप से, MHA ने मुख्य सचिव से गुलज़ार सिंह की आत्महत्या, और गुरदासपुर में परमिंदर सिंह तथा बिक्रमजीत सिंह की हत्याओं के मामले में रिपोर्ट मांगी है।
MHA ने पंजाब सरकार से उन मामलों पर रिपोर्ट मांगी है, जिनमें नशा-विरोधी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले हुए या उन्होंने आत्महत्या कर ली। इससे पहले, 16 अक्टूबर को एक बयान में अमित शाह ने इन घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा था कि MHA राज्य में नशीले पदार्थों की समस्या से जुड़ी हालिया मौतों के मामले में पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगेगा।
पूरा मामला क्या है?
पंजाब के मानसा जिले में हाल ही में हुई एक घटना में, नशा-विरोधी अभियान से जुड़े परमिंदर सिंह 'झोटा' की एक स्थानीय मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना 13 अक्टूबर को हुई, जिससे पूरे राज्य में भारी आक्रोश फैल गया। राज्य पहले से ही नशीले पदार्थों के गंभीर संकट से जूझ रहा है।
पूर्व बॉक्सर परमिंदर सिंह पिछले कुछ वर्षों से मानसा और आसपास के इलाकों में "नशा रोको, रोजगार दो" अभियान के तहत नशीले पदार्थों के खिलाफ काम कर रहे थे। उनकी हत्या के बाद, बड़ी संख्या में लोगों ने मानसा के सिविल अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और पूरे शहर में दुकानें बंद रहीं।
इससे पहले, गुलज़ार सिंह ने आत्महत्या कर ली थी।
इससे पहले सितंबर में, पंजाब के संगरूर जिले के तुर बंजारा गांव के रहने वाले 47 वर्षीय गुलज़ार सिंह ने अपनी जान दे दी थी। ऐसे आरोप सामने आए हैं कि आम आदमी पार्टी (AAP) के स्थानीय समर्थकों ने उन पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से माफी मांगने का दबाव डाला था, जिसके चलते उन्होंने यह कठोर कदम उठाया। दरअसल, 6 सितंबर को दिरबा में एक कार्यक्रम के दौरान, गुलज़ार सिंह ने वित्त मंत्री से उनके गांव में नशीले पदार्थों की समस्या के बारे में सवाल पूछा था। इसके बाद, गृह मंत्री ने एक पोस्ट में कहा कि पंजाब में नशीले पदार्थों का कारोबार दिन-ब-दिन बढ़ रहा है और संगठित अपराध का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जो कोई भी नशीले पदार्थों से जुड़े मुद्दे उठाता है, उसकी अपनी सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।