रामपुर के टांडा में, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव और INDIA गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'अब्दुल' (यहाँ मुस्लिम समुदाय के लिए इस्तेमाल किया गया शब्द) अब सिर्फ दूसरों के लिए कालीन बिछाने का काम नहीं करेगा; बल्कि वह खुद एक नेता, विधायक (MLA) और सांसद (MP) बनेगा।
रामपुर के टांडा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय के लिए राजनीतिक नेतृत्व और भागीदारी का मुद्दा उठाया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और INDIA गठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं में नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है, लेकिन उन्हें कोई उचित राजनीतिक मंच नहीं दिया जाता। ओवैसी ने बताया कि AIMIM मुस्लिम युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें नेता के रूप में तैयार करने का काम कर रही है।
अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा, "अब्दुल सिर्फ कालीन बिछाने के लिए पैदा नहीं हुआ है। वह सिर्फ कालीन नहीं बिछाएगा; बल्कि वह एक नेता, विधायक और सांसद बनेगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि मुस्लिम समुदाय के युवाओं—पुरुषों और महिलाओं दोनों—को राजनीति में आगे आने का मौका मिलना चाहिए, ताकि वे देश का नेतृत्व कर सकें और हाशिए पर पड़े समुदायों को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज़ उठा सकें।
AIMIM प्रमुख ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल मुस्लिम समुदाय को केवल अपने कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने तक ही सीमित रखना चाहते हैं, न कि उन्हें एक स्वतंत्र नेतृत्व के रूप में उभरते हुए देखना चाहते हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपना खुद का राजनीतिक नेतृत्व तैयार करने का आग्रह किया। अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत एकता के जरिए ही राजनीतिक भागीदारी को आगे बढ़ाया जा सकता है।
रामपुर के अपने दौरे पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए
ओवैसी ने रामपुर, मुरादाबाद, मटेरा, आजमगढ़ और सहारनपुर जैसे इलाकों में अपने राजनीतिक दौरों पर उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके विरोधी पूछते हैं कि उन्हें रामपुर आने की क्या जरूरत थी। इसके जवाब में उन्होंने 1952 के पहले लोकसभा चुनाव और मौलाना अबुल कलाम आजाद का उदाहरण दिया।
ओवैसी ने बताया कि मौलाना अबुल कलाम आजाद भी 1952 का चुनाव लड़ने के लिए रामपुर आए थे और बाद में वहां से सांसद चुने गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले मौलाना आज़ाद रामपुर गए थे, तब कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई गई, जबकि आज उनके रामपुर दौरे पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
राजनीतिक नेतृत्व में भागीदारी पर ज़ोर
ओवैसी के भाषण का मुख्य केंद्र मुस्लिम समुदाय के युवाओं को राजनीति में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार करना था। उन्होंने समुदाय के युवाओं और युवतियों से आग्रह किया कि वे केवल दूसरों के पीछे चलने के बजाय आगे आएं और नेतृत्व करें। उन्होंने अपने समर्थकों से एकजुट होने और अपनी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने उन्हें 'मजलिस' के समर्पित कार्यकर्ताओं के रूप में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया—जिसमें हर पोलिंग बूथ पर एक व्यक्ति की ज़िम्मेदारी होगी कि वह कम से कम पाँच और लोगों को पार्टी से जोड़े—और भरोसा दिलाया कि इससे सफलता ज़रूर मिलेगी।
आज़म खान पर टिप्पणी
ओवैसी ने कहा, "मेरे प्यारे दोस्तों और बुजुर्गों, मेरी दिली इच्छा है कि आज़म खान जिन मुश्किलों और परेशानियों का सामना कर रहे हैं, वे खत्म हों। हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि उनकी मुश्किलें आसान हों। इसी तरह, मौलाना तौकीर रज़ा खान भी एक साल से फतेहगढ़ जेल में हैं; हम अल्लाह से उनकी जल्द रिहाई के लिए भी दुआ करते हैं।"
अखिलेश यादव पर तीखा हमला
उन्होंने आगे कहा, "सवाल यह उठता है कि जब हम जेल जाते हैं—शिफ़ा-उर-रहमान, सफूरा ज़रगर, इशरत और शरजील इमाम, ये सभी जेल में हैं—तो क्या आपने कुछ गौर किया? फिर भी, 'भैया' (अखिलेश यादव) आधी रात को 'X' (ट्विटर) पर पोस्ट करते हैं और पूछते हैं, 'अरे, उन्हें रिहा कराओ—वे लोग कहाँ गए?' वे आधी रात को लिखते हैं, 'एक युवा नेता को उठा लिया गया है—वह कहाँ है? उसे ढूँढ़ो!'" "भाई, क्या आपको अब्दुल याद नहीं?" उन्होंने आगे कहा कि अगर सैफई के किसी यादव को छह महीने के लिए जेल भेज दिया जाए, तो 'भैया' (अखिलेश) पूरे लखनऊ को ठप कर देंगे।