पार्टी ने उन नेताओं को सस्पेंड कर दिया है जो 1 नवंबर को दिल्ली में हुई एक रैली में शामिल नहीं हुए थे। जब बीजेपी ने इस अनुशासनात्मक कार्रवाई पर सवाल उठाए, तो सांसद इमरान मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस पार्टी ने यूथ कांग्रेस के उन पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, जो दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की रैली में मौजूद नहीं थे। जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस कदम पर सवाल उठाए, तो सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भड़क गए और पूछा, "बीजेपी कौन होती है सवाल उठाने वाली?"
रैली में शामिल न होने के कारण यूथ कांग्रेस नेताओं को सस्पेंड किए जाने पर बीजेपी के सवालों का जवाब देते हुए, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "बीजेपी हमसे सवाल पूछने वाली कौन होती है? उन्हें हमारी पार्टी के अंदरूनी मामलों में दखल देने का क्या हक है? इससे हमें क्या फर्क पड़ता है?"
रैली में न आने पर नेताओं को किया गया सस्पेंड
गौरतलब है कि इंडियन यूथ कांग्रेस ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अपने 200 से ज्यादा सदस्यों को सस्पेंड कर दिया है। ये सदस्य हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की रैली में शामिल नहीं हुए थे। सत्ताधारी बीजेपी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पार्टी को घेरा है। बीजेपी की इस आलोचना के जवाब में सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने तीखा पलटवार किया है।
यूथ कांग्रेस ने 60 पदाधिकारियों को सस्पेंड किया
'आज तक' की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस ने अपने 60 पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। उन पर आरोप है कि वे 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'वोट चोरी' रैली में शामिल नहीं हुए थे। सस्पेंड किए गए पदाधिकारियों में 9 जिला अध्यक्ष, 5 उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव शामिल हैं। यूथ कांग्रेस ने 3 नवंबर को यह निलंबन आदेश जारी किया, जिसमें कार्रवाई का कारण "संगठनात्मक अनुशासनहीनता" बताया गया है।