बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने संविधान की 'लाल किताब' से जुड़े मुद्दों, इरफान अंसारी की टिप्पणियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहस की चुनौती पर भी बात की।
शुक्रवार (6 नवंबर, 2026) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता गौरव भाटिया ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए उस पर अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। बीजेपी नेता ने दावा किया कि कांग्रेस भारत को अस्थिर करने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रही है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए, भाटिया ने कहा कि संविधान के प्रावधानों को समझे बिना उसकी एक प्रति साथ लेकर घूमना महज एक दिखावा है। उन्होंने कहा, "संविधान की 'लाल किताब' को साथ लेकर घूमना—जिसे कभी खोला ही नहीं गया और जिसके प्रावधानों को—जिन्हें हमारे संविधान निर्माताओं ने तय किया था—कभी पढ़ा ही नहीं गया—काफी नहीं है। उनका असली मकसद अराजकता फैलाना है।"
बीजेपी के बारे में गौरव भाटिया ने क्या कहा?
गौरव भाटिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जनता की सेवा करने और संविधान के मूल मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारी प्रतिबद्धता लोगों की सेवा करने, संविधान के मौलिक मूल्यों की रक्षा करने, यह सुनिश्चित करने में है कि नागरिकों को उनके अधिकार मिलें, और देश के संसाधनों को नागरिकों के लाभ के लिए सुरक्षित रखने में है।" 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ' अभियान पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सत्ताधारी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह विपक्ष को गलत नैरेटिव फैलाने से रोके।
राहुल गांधी की चुनौती का मजाक उड़ाया
भाटिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शासन और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस करने की राहुल गांधी की चुनौती का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा, "वे दावा करते हैं कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा या बहस करना चाहते हैं। मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी किसी किंडरगार्टन के छात्र को किसी पीएचडी प्रोफेसर को चुनौती देते नहीं देखा।
" "वे भारत के संविधान के मूल भाव को तार-तार कर रहे हैं" – भाटिया
गौरव भाटिया ने कहा, "जब हम एक ऐसी अराजक विपक्ष को देखते हैं—जो संविधान की मूल भावना को नष्ट कर रही है और केवल एक झूठा नैरेटिव फैलाना चाहती है—तो लोकतंत्र को बचाने और इस अराजकता को खत्म करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाना हमारी जिम्मेदारी बन जाती है।" इसके अलावा, भाजपा नेता ने निराशा जताते हुए कहा कि विपक्ष, जिसने कभी संविधान के मूल्यों को बनाए रखने की शपथ ली थी, वह खुद ही अराजक हो गया है। उन्होंने टिप्पणी की, "यह कहते हुए बहुत दुख होता है कि विपक्ष के नेता—जो भारत के संविधान को बनाए रखने और उसकी रक्षा करने की शपथ लेते हैं—वे खुद ही अराजकता फैलाने वाले बन गए हैं। वे ही संविधान की मूल भावना को तार-तार कर रहे हैं।"
इरफान अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया
गौरव भाटिया ने झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी के उस बयान की भी निंदा की, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि भारत में भी बांग्लादेश जैसी अशांति देखने को मिल सकती है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाटिया ने कहा, "वे धमकी दे रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि भारत में हालात बांग्लादेश से भी बदतर हो सकते हैं। उनका कहना है कि केवल राहुल गांधी ही युवाओं को रोके हुए हैं—वरना पूरा देश आग की लपटों में घिर जाता। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें न तो भारत की विकास की गति दिखाई देती है और न ही यहाँ की स्थिरता रास आती है।"