चेन्नई । इस समय चेन्नई में रहने वाले हजारों लोगों को चक्रवाती तूफान मिगजॉम के कहर का सामना करना पड़ रहा है। शहर के बाढ़ वाले इलाके में जहां बिजली गुल है, वहीं इंटनेट ने भी काम करना बंद कर दिया है। लोग एक दूसरे से संपर्क भी नहीं कर पा रहे हैं। बता दें कि मंगलवार शाम को चक्रवाती तूफान मिगजॉम ने चेन्नई से 375 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में दस्तक दी। मंगलवार को पूरे शहर में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और बीएसएनएल जैसी प्रमुख दूरसंचार कंपनियों की सेवाएं प्रभावित दिखीं क्योंकि दूरसंचार टावर वाले स्थलों पर डीजल पहुंचाने में कठिनाई हो रही है और बैटरी की समस्या भी दिख रही है। उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि सेवाएं बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार ने एहतियात बरतते हुए विशेषतौर पर निचले इलाकों में बिजली बंद कर दी थी।
अधिकांश क्षेत्रों में डीजल जेनरेटर सेट, बैकअप के रूप में चल रहे थे लेकिन अब वे भी नहीं चल रहे हैं। इसके अलावा चेन्नई में अधिकांश साइटों को टावर कंपनियों के परिचालकों ने ले लिया है। वोडाफोन आइडिया ने कहा कि इस तरह के संकट वाले दौर में भी इंटरनेट की बहाली व संपर्क को सुचारु रूप से जारी रखने की कोशिश में जुटे हैं।वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के एक प्रवक्ता ने कहा कि मिगजॉम चक्रवात के आने से बिजली गुल होने और नेटवर्क साइटों तक सीमित पहुंच के चलते आंशिक रूप से हमारी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अत्यधिक बाढ़ के चलते बनी चुनौतियों के बावजूद, हमारी जमीनी टीमें स्थानीय अधिकारियों के साथ दिन-रात काम कर रही हैं।
वॉयस और डेटा सेवाओं को धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है और हमें उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जानी चाहिए। निजी क्षेत्र के तीन दूरसंचार परिचालकों के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि बुधवार शाम तक जब चक्रवात उत्तर की ओर बढ़ेगा और बाढ़ का पानी कम होगा तब वे टावर साइट को फिर से शुरु कर देंगे। मंगलवार को शहर में बचाव कार्य काफी जोर-शोर से किया जा रहा था। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने संवाददाताओं से कहा कि हमने पिछली बारिश के आधार पर कार्ययोजना बनाई थी। अप्रत्याशित बारिश के बावजूद इस बार पहले की तुलना में कम नुकसान हुआ है।