- लोकसेवक अहंकार न पालें, गनीमत है एसडीएम को सस्पेंड नहीं किया
भोपाल । मध्य प्रदेश सिविल सेवा के वर्ष 2019 और 2020 के लिए चयनित 686 अभ्यर्थियों को गुरुवार को रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने नवागत अधिकारियों को गुड गवर्नेंस, सतत विकास का लक्ष्य एवं सरकार के विजन से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित बेटी आयुषी के लोकसेवा के संदर्भ में किए गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि लोकसेवक कार्य को गंभीरता से करें, अहंकार न पालें, और प्रयास करें कि आम लोगों की समस्याओं का निराकरण समयसीमा के भीतर हो। सीएम ने सिंगरौली एसडीएम को हटाने के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें हटा दिया गया है, भले ही भावना कुछ भी रही हो। सीएम बोले गनीमत है कि एसडीएम को सस्पेंड नहीं किया। 
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मप्र लोक सेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों से कहा है कि अधिकारी अहंकार नहीं पाले। हर दिन नवाचार करें। अपने काम में विज्ञान एवम प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के अलावा किसी भी गान में खड़े होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मध्य प्रदेश गान के लिए खड़े हुए लोगों को बैठाते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने यह बात गुरुवार को यहां रवींद्र भवन में वर्ष 2019 और 2020 बैच के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देते हुए कही। उन्होंने एक अभ्यर्थी के प्रश्न पर कहा कि लोक सेवा आयोग के एक अध्यक्ष ने मित्रता में उन्हें डिप्टी कलेक्टर बनने की पेशकश की थी तभी उन्होंने कह दिया था आईएएस अधिकारी उनके नीचे काम करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों में 187 अनारक्षित, 157 अन्य पिछड़ा वर्ग, 110 अनुसूचित जाति, 150 अनुसूचित जनजाति एवं 82 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थी हैं।
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इन विभागों में होंगे पदस्थ
नवनियुक्त अधिकारी वाणिज्यिक कर, पंजीयन, आबकारी, वित्त, कार्मिक, राजस्व, स्कूल शिक्षा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, गृह, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम, जनसंपर्क, जनजातीय कार्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति , सहकारिता और जेल विभाग में पदस्थ होंगे।