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मौत के बाद भी इलाज चलता रहा,फिर बकाया वसूलने के लिए शव देने से मना कर दिया,एमजीएम हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा-शव पीएम के लिए भेजा
कटनी/ सड़क हादसे का शिकार होने के बाद शासकीय अस्पताल विजय राघवगढ़ से बेहतर इलाज के लिए कटनी स्थित एमजीएम अस्पताल लाई गई एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल के बाहर रोते बिलखते परिजन महिला के शव को पाने के लिए जहां-तहां हाथ पांव मारते नजर आए। परिजनों ने कहा की 3 दिन पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी। लेकिन वेंटिलेटर पर रखकर इलाज के नाम पर एम जी एम अस्पताल प्रबंधन ने उनसे 3 लाख से भी अधिक राशि वसूल कर ली। 23 जनवरी की सुबह अचानक मौत की खबर सुनाते हुए 54 हजार का बकाया बिल भी हाथ में थमा दिया। अस्पताल प्रबंधन बकाया बिल ना दे पाने के कारण शव को कब्जे में रखे हुए हैं। जहां एक तरफ परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इस पूरे मामले को पुलिस जांच का हवाला देते हुए सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।प्रबंधन का कहना था कि शव हमने पी एम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा है l
विजयराघवगढ़ के रहने वाली मृतिका पुत्ती बाई साहू को परिवार के लोगो ने 15 जनवरी को कचहरी चौक स्थित एमजीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। एमजीएम अस्पताल में ऑपरेशन होने के बाद से ही उनकी माँ होश में नहीं थी। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि तीन दिन पूर्व ही उनकी मां को लगा मीटर बंद था। पैसा वसूलने के लिए वेंटीलेटर में रख कर 3 लाख 50 हजार जमा करा लिए और आज उन्हे बताया गया की उनकी मां की मौत हो गई है और उन्हें 50 हजार रुपए का और बिल थमाते हुए कहा की जब तक पैसे जमा नहीं करोगे उनकी मां का शव नहीं दिया जायेगा। मृतिका के परिजनों ने बताया की उनकी मां पुत्ती बाई साहू का एक्सीडेंट हुआ था तब उसे आनन फानन में विजयराघवगड़ अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन आराम ना लगने के कारण उनको जिले के निजी अस्पताल एमजीएम में भर्ती कराया गया परिजनों ने आरोप लगाया कि तीन दिन पूर्व माँ ख़त्म हो गईं । निजी अस्पताल के डाक्टर ने वेंटीलेटर लगा कर रखा था। 3 लाख 50 रुपया देने के बाद भी 50 हजार कि मांग पूरी ना होने के करण शव को नहीं दिया जा रहा है। परिजन निजी अस्पताल के बाहर बैठे रहे।
बिलखते रहे परिजन
जानकारी के मुताबिक विजयराघवगढ़ निवासी मृतक पुत्ती बाई साहू के परिवार परिवारवालों ने 15 जनवरी को कचहरी चौक स्थित एमजीएम हॉस्पिटल में उसे इलाज के लिए भर्ती कराया था। ऑपरेशन के बाद से ही महिला को होश में नहीं आया। मृतिका के बेटे ओम प्रकाश साहू और पति सरजू प्रशाद साहू ने आरोप लगाते हुए बताया कि तीन दिन पूर्व ही उनकी मां को लगाया गया मीटर बंद हो गया था। इलाज का दिखावा करते हुए पैसा वसूलने के लिए वेंटीलेटर में रख कर 3 लाख 50 हजार जमा करा लिए गए। आज उन्हे बताया गया की उनकी मां की मौत हो गई है। उन्हें 50 हजार रुपए का और बिल थमाते हुए कहा की जब तक पैसे जमा नहीं करेंगे उन्हें उनकी मां का शव नहीं दिया जायेगा।
मृतिका के परिजनों ने बताया की उनकी मां पुत्ती बाई साहू का एक्सीडेंट हुआ था। आनन फानन में उसे विजयराघवगड़ अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन आराम ना लगने के कारण उसे एमजीएम में भर्ती कराया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि तीन दिन पूर्व माँ ख़त्म हो गईं। निजी अस्पताल के डाक्टर ने वेंटीलेटर में लगा कर रखा था 3 लाख 50 रुपया देने के बाद भी 50 हजार कि मांग पूरी ना होने के करण शव को नहीं दिया। एमजीएम अस्पताल के बाहर रोते बिलखते बैठे परिजन जिले के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से महिला का शव दिलाने की गुहार लगाते रहे।
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