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अभिषेक बनर्जी के खिलाफ केस खत्म करना चाहते थे जस्टिस सेन : आरोप
कोलकाता । कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सोमेन सेन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी मामलों को खत्म करने के निर्देश देने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि उच्च न्यायालय के ही जज अभिजीत गंगोपाध्याय की तरफ से एक न्यायिक आदेश के जरिए ये आरोप लगाए गए हैं। साथ ही कहा है कि वह पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं। इसमें खास बात है कि स्कूल भर्ती घोटाला मामले में अभिषेक के भी शामिल होने के आरोप हैं। जस्टिस गंगोपाध्याय ने गुरुवार रात एक आदेश जारी किया, जिसमें आरोप लगाए हैं
कि जस्टिस सेन ने जस्टिस अमृता सिन्हा को अभिषेक बनर्जी के खिलाफ आदेश जारी नहीं करने के लिए कहा है। इस मामले में उनका कहना है कि जस्टिस सिन्हा ने उन्हें फोन पर जानकारी दी है कि जस्टिस सेन ने शीतकालीन अवकाश से पहले चैंबर में आने के लिए कहा था। हालांकि जस्टिस गंगोपाध्याय ने कहा कि मुझे जस्टिस अमृता सिन्हा ने कुछ दिन पहले बताया था कि जस्टिस सोमेन ने अवकाश के आखिरी दिन चैंबर में बुलाया था।
उन्होंने एक नेता की तरह जस्टिस सिन्हा को तीन आदेश दिए। पहला, अभिषेक बनर्जी एक राजनेता है, उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए। दूसरा, जस्टिस अमृता सिन्हा की अदालत की लाइव स्ट्रीमिंग बंद की जाएगी। तीसरा, जस्टिस अमृता सिन्हा के सामने पेश दो रिट याचिकाओं को खारिज किया जाएगा, जिनमें अभिषेक बनर्जी का नाम भी शामिल है। बताया जा रहा है कि जस्टिस सिन्हा ने इसकी जानकारी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को दे दी है। वहीं भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को भी इसके संबंध में जानकारी दे दी गई है। स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़ी कई याचिकाओं पर जस्टिस सिन्हा सुनवाई कर रही हैं।
सुनवाई के दौरान जज ने प्रवर्तन निदेशालय को आदेश भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस घोटाले में बनर्जी की भूमिका की ठीक तरह से जांच की जाए। जस्टिस गंगोपाध्याय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है, जस्टिस सेन साफतौर पर राज्य में किसी राजनीतिक दल के लिए काम कर रहे हैं और इसलिए अगर सुप्रीम कोर्ट को लगता है तो ऐसे आदेशों की दोबारा जांच की जाए।
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