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चुनौतियां दोनों तरफ हैं: तेजस्वी खेला करेंगे या नीतीश बहुमत साबित करेंगे, 12 को स्पष्ट होगी तस्वीर
पटना । आने वाले समय में बिहार की राजनीति उथल पुथल बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। चुनौतियां दोनों तरफ से हैं। एक दूसरे के बीच शह और मात का खेल चल रहा है। राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राह में कांटों की बाढ़ लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं तो नीतीश भी कम नहीं हैं। 12 फरवरी को होने वाले फ्लोर टेस्ट के लिए पूरे दमखम के साथ समर्थन की तैयारी को लेकर बैठकें कर रहे हैं। नीतीश कुमार जहां 12 फरवरी को बहुमत साबित करने की तैयारी में लगे हैं वहीं आरजेडी भी लगातार बैठक कर खेला करने की तैयारी में लगी है। तेजस्वी यादव ने इससे पहले ही कह दिया था कि बिहार में खेला होगा। आरजेडी सरकार बनाने के लिए बहुमत के एकदम नजदीक है, इस वजह से नीतीश कुमार और भाजपा के खेमे में भी अपने विधायकों को बचाने की चुनौती है। जेडीयू और बीजेपी दोनों अपने विधायकों पर नजर बनाए हुए हैं।
यदि तेजस्वी यादव की बात करें तो वे खुद की छवि को चमकाने का मौका तलाश रहे हैं। इससे पहले उन्हें किसी भी काम में नीतीश कुमार को भी श्रेय देना होता था। अब वे अपनी छवि निखारने के लिए आजाद महसूस कर रहे हैं। इसी तरह नीतीश कुमार के पाले के मुस्लिम वोटरों को अपनी तरफ खींचने का मौका मिलेगा, क्योंकि, भाजपा के साथ जाने के चलते नीतीश कुमार को अल्पसंख्यक वोटरों का नुकसान हो सकता है। लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर अब तेजस्वी को माथापच्ची नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि इससे पहले जेडीयू की 16 सीटों की डिमांड ने आरजेडी की टेंशन बढ़ा दी थी।
तेजस्वी यादव, शिक्षक नियु्क्ति का क्रेडिट लेकर शिक्षकों के परिवार का वोट लेने की कोशिश करेंगे। लोगों को बताएंगे कि हमारे प्रयास से ही 2 लाख से अधिक शिक्षकों को नौकरी दी गई। नीतीश कुमार पर धोखा देने का आरोप लगाकर, भाजपा की तरफ गए यादव वोटरों को अपनी तरफ खींचने की कोशिश करेंगे। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहना है कि महागठबंधन सरकार ने तेजस्वी यादव अकेले ही हर चीज का क्रेडिट लेने में लग गए थे। इसके बाद कई तरह की बातें हुईं। हमने आरजेडी के साथ बहुत तालमेल बिठाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बन पाई, इसलिए हमलोगों ने इस गठबंधन से अलग होने का फैसला लिया।
बिहार विधानसभा सीटों का गणित
आरजेडी- 79 विधायक
बीजेपी- 78 विधायक
जेडीयू-45
कांग्रेस - 19
लेफ्ट-16
एआईएमआईएम- 1
हम पार्टी-4
निर्दलीय- 1 है|
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