मुंबई में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, अगले नौसेना प्रमुख होंगे। वह मौजूदा नौसेना प्रमुख, एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की जगह लेंगे।
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अगले नौसेना प्रमुख बनने जा रहे हैं। वह वर्तमान में मुंबई में पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत हैं; वह 31 मई को कार्यभार संभालेंगे, और उनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2028 तक रहेगा। वह वर्तमान नौसेना प्रमुख, एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी से कार्यभार ग्रहण करेंगे, जो 30 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वाइस एडमिरल स्वामीनाथन का भारतीय नौसेना में एक विशिष्ट और व्यापक करियर रहा है। इसी कारण से मोदी सरकार ने उन्हें नौसेना का नेतृत्व सौंपा है।
**कौन हैं वाइस एडमिरल स्वामीनाथन?**
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 जुलाई, 2025 को पश्चिमी नौसेना कमान के 34वें फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाला। वाइस एडमिरल स्वामीनाथन को 1 जुलाई, 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। वह संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Electronic Warfare) के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA); यूनाइटेड किंगडम के श्रिवेन्हम स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज; कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर (करंजा); और USA स्थित यूनाइटेड स्टेट्स नेवल वॉर कॉलेज से उन्नत सैन्य शिक्षा प्राप्त की है। नौसेना प्रमुख के रूप में, वाइस एडमिरल स्वामीनाथन भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा करने और नौसेना के आधुनिकीकरण का नेतृत्व करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगे।
**परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित**
परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित, एडमिरल ने अपने पूरे नौसैनिक करियर के दौरान कई प्रमुख परिचालन, स्टाफ और प्रशिक्षण पदों पर कार्य किया है। इनमें मिसाइल वेसल INS *विद्युत* और INS *विनाश*; मिसाइल कोरवेट INS *कुलिश*; गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS *मैसूर*; और विमानवाहक पोत INS *विक्रमादित्य* की कमान संभालना शामिल है।
वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन की उपलब्धियाँ
उन्होंने कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान के मुख्यालय में मुख्य स्टाफ अधिकारी (प्रशिक्षण) के रूप में कार्य किया और भारतीय नौसेना के भीतर प्रशिक्षण कार्यों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 'भारतीय नौसेना सुरक्षा टीम' की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई, जो नौसेना के सभी क्षेत्रों में परिचालन सुरक्षा की देखरेख करती है। इसके बाद, उन्होंने 'फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग'—जो नौसेना के 'वर्क-अप संगठन' के प्रमुख होते हैं—का कार्यभार संभाला; जिसके उपरांत उन्हें 'पश्चिमी बेड़े' के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के रूप में नियुक्त होने का गौरव प्राप्त हुआ। नौसेना की 'स्वोर्ड आर्म' (मुख्य युद्धक शक्ति) की कमान संभालने के बाद, उन्हें 'फ्लैग ऑफिसर ऑफशोर डिफेंस एडवाइजरी ग्रुप' और भारत सरकार के 'ऑफशोर सुरक्षा एवं रक्षा सलाहकार' के रूप में नियुक्त किया गया।
वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नत होने के बाद, इस फ्लैग ऑफिसर ने पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ, कार्मिक सेवा नियंत्रक (Controller of Personnel Services), और नौसेना मुख्यालय (NHQ) में कार्मिक प्रमुख (Chief of Personnel) के रूप में कार्य किया। अपनी वर्तमान नियुक्ति से पूर्व, उन्होंने नौसेना मुख्यालय में 'उप नौसेना प्रमुख' (Deputy Chief of the Naval Staff) के रूप में अपनी सेवाएँ दीं।