- आवास आवंटन करने सामान्य प्रशासन विभाग ने बनाई कमेटी
भोपाल। मध्य प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद भी अब तक कई मंत्रियों को बंगला आवंटित नहीं हुआ है। वजह यह है कि अब तक पूर्व मंत्रियों ने अपना बंगला नहीं छोड़ा है। वहीं अब जल्द ही उन्हें आवास आवंटित हो जाएगा। इसे लेकर चार मंत्रियों को जिम्मेदारियां दी गई है। मंत्रियों को आवास आवंटन करने के लिए चार मंत्रियों की सामान्य प्रशासन विभाग ने कमेटी बनाई है। इस कमेटी में विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह, पटेल राकेश सिंह और गृह विभाग के कई अधिकारियों को शामिल किया गया है। कमेटी की बैठक के बाद कई पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायकों के बंगले खाली होंगे। अधिकांश मंत्रियों की 74 बंगले और चार इमली में आवास लेने की मंशा है। वहीं आधा दर्जन मंत्रियों ने दूसरे बंगले की इच्छा जताई है।

अधिकांश पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों ने अब तक बंगला खाली नहीं किया। नई सरकार के मंत्री निजी होटल या विधायक गेस्ट हाउस में रह रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस नेता गोविंग सिंह ने कहा कि 2020 में जब सरकार बदली थी तो हमारे पूर्व मंत्रियों के बंगलों के ताले तोडक़र खाली कराया गया था। अब प्रशासन बंगले खाली कराने में क्यों देरी कर रहा। कांग्रेस के सवाल पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा के प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने कहा कि किसका बंगला कब खाली होगा इसका जबाव सरकार से जुड़े लोग बेहतर दे पाएंगे। कांग्रेस बंगलों की बात न ही करें तो बेहतर है। कांग्रेस नेताओं का बंगला मोह सबके पता है। कांग्रेस ने कई सालों तक सत्ता की चाशनी चाटी है। वो भाजपा को ज्ञान ना दें।
इन मंत्रियों ने नहीं किए बंगले खाली
भारत सिंह कुशवाहा, कमल पटेल, भूपेंद्र सिंह, सुरेश धाकड़, इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसौदिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, ऊषा ठाकुर, ओम प्रकाश सकलेचा, ओपीएस भदौरिया, यशोधरा राजे सिंधिया, प्रभुराम चौधरी और राज्यवर्धन सिंह दत्तिगांव।
ये भी जानिए..................
इन मंत्रियों को आवंटित किए गई बंगले
प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, राव उदय प्रताप, निर्मला भूरिया, संपतिया उइके, राकेश शुक्ला, करण सिंह वर्मा, नागर सिंह चौहान, नारायण सिंह कुशवाह, चैतन्य कश्यप,धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जयसवाल, लखन पटेल और गौतम टेंटवाल।