- बिहार विधानसभा में एक अनोखी बहस हुई, जिसमें रसगुल्ले से लेकर मंदिर के लड्डू तक हर चीज़ के लिए GI टैग की मांग की गई।

बिहार विधानसभा में एक अनोखी बहस हुई, जिसमें रसगुल्ले से लेकर मंदिर के लड्डू तक हर चीज़ के लिए GI टैग की मांग की गई।

बिहार विधानसभा में GI टैग को लेकर एक अनोखी बहस हुई, जिससे माहौल हंसी-मजाक से भर गया। बाढ़ की खोबिया लाई, बड़हिया के रसगुल्ले और मनेर के लड्डू के लिए GI टैग की मांग उठी।

बिहार विधानसभा में GI टैग को लेकर एक अनोखी बहस हुई, जिससे माहौल हंसी-मजाक से भर गया। बाढ़ की खोबिया लाई, बड़हिया के रसगुल्ले और मनेर के लड्डू के लिए GI टैग की मांग उठी।

इस बहस में लोकतंत्र का एक ऐसा अनोखा पल देखने को मिला जो आजकल राजनीति में कम ही देखने को मिलता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे से मजाक करते हुए अपनी मांगें भी रखते दिखे।

बाढ़ की लाई के लिए आवेदन
बिहार सरकार में उद्योग और सड़क निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि बिहार कृषि विभाग ने 19 मई, 2025 को बाढ़ की खोबिया लाई के लिए GI टैग के अनुरोध को स्वीकार कर लिया और चेन्नई में ज्योग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री में आवेदन जमा कर दिया। एप्लीकेशन अभी चेन्नई में पेंडिंग है।

बिहार में दूसरे GI टैग
दिलीप जायसवाल ने आगे बताया कि पहले बिहार में शाही लीची (मुजफ्फरपुर), कतरनी चावल (भागलपुर-बांका), जर्दालू आम (भागलपुर), मगही पान (मगध रीजन), मिथिला मखाना (मिथिला रीजन), और मधुबनी पेंटिंग (मधुबनी) जैसी चीज़ों के लिए GI टैग मिल चुके हैं। उनका मानना ​​है कि खोबिया लाई को भी जल्द ही GI टैग मिल जाएगा।

गया के तिलकुट की मांग
जैसे ही उन्होंने बोलना खत्म किया, असेंबली स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा कि गया के तिलकुट के लिए भी एप्लीकेशन दिया गया है, प्लीज़ दिखाइए। इस पर हाउस में मौजूद सभी मेंबर और अधिकारी हंस पड़े। दिलीप जायसवाल ने जवाब दिया कि चेन्नई से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।

विजय कुमार सिन्हा की मज़ेदार मांग
इस मौके पर बिहार के डिप्टी चीफ मिनिस्टर विजय कुमार सिन्हा भी अपनी सीट से खड़े हुए और मज़ाक में कहा, "हम दोनों बड़हिया का रसगुल्ला और बाढ़ की खोभिया लाई खाते हैं, लेकिन हम इसे प्रमोट नहीं कर पाते।" इस पर जवाब देते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि विजय बाबू ने मुझे अभी तक रसगुल्ला नहीं खिलाया है।

मनेर के लड्डू की मांग
इस बीच, विपक्षी पार्टी के नेता और मनेर से MLA भाई वीरेंद्र खड़े हुए और कहा कि मनेर का लड्डू भी फेमस है। क्या मिनिस्टर उसके लिए भी कोशिश करेंगे? पूरे मामले पर सरकार और विपक्षी पार्टियों के बीच मज़ेदार बातें हुईं। यह बहस डेमोक्रेसी की ताकत और तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण थी।

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