तेजस्वी यादव की राज्यसभा उम्मीदवारी की चर्चा पर प्रशांत किशोर ने कहा कि आम जनता को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि बिहार के युवाओं के लिए मुद्दा रोजगार है, न कि किस नेता का बेटा MP बनेगा।
बिहार राज्यसभा चुनाव के लिए विपक्ष की तरफ से तेजस्वी यादव को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। इससे राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। जन सुराज के चीफ प्रशांत किशोर ने इस बारे में बड़ा बयान दिया है। पीके का कहना है कि तेजस्वी राज्यसभा जाएं या विधानसभा, इससे लोगों को कोई मतलब नहीं है। मुद्दा यह नहीं है कि किसी नेता के बच्चे MLA या MP बनेंगे। बिहार के लोगों के लिए मुद्दा यह है कि यहां के लाखों युवा 10-15 हजार रुपये की नौकरी की तलाश में देश भर में भाग रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने आगे कहा, "नेताओं के बच्चों की तो अच्छी जिंदगी होगी, लेकिन बिहार के आम लोगों के बच्चे आज भी 10-15 हजार रुपये की नौकरी के लिए जानवरों की तरह देश भर की ट्रेनों में घूमते हैं और मजदूरी करने को मजबूर हैं।" तेजस्वी जिस भी सदन में होंगे, उसकी शोभा बढ़ाएंगे" - मृत्युंजय तिवारी
राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी यादव के राज्यसभा में जाने की चर्चा पर कहा, "इस चर्चा का मैं क्या जवाब दूं? देखते हैं क्या होता है। तेजस्वी यादव देश के लोगों की आवाज हैं। तेजस्वी यादव युवाओं, गरीबों, वंचितों, शोषितों और दलितों की आवाज हैं। वह जिस भी सदन में होंगे, उस सदन की शोभा बढ़ाएंगे और लोगों की आवाज गूंजेगी।"
राजद नेता ने आगे कहा कि अगर तेजस्वी यादव के राज्यसभा में जाने की कोई चर्चा होगी, तो समय आने पर पता चलेगा। अभी वह विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। तेजस्वी यादव ने जिस तरह से सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, आज देश की मांग है, जनता की मांग है कि तेजस्वी यादव इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए एक मजबूत आवाज बनें।"
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा
प्रशांत किशोर ने आगे कहा, "नीतीश कुमार सरकार को छह महीने पूरे होने वाले हैं। सरकार ने जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा किया है, 2 लाख रुपये देने का वादा किया, लेकिन 10 हजार रुपये देने के बाद बाकी पैसे हड़प लिए। हम इसी मुद्दे से शुरुआत करेंगे। हम लोगों के बीच जाएंगे और सरकार से बाकी 1 लाख 90 हजार रुपये लोगों को देने की अपील करेंगे। इसके साथ ही दूसरे लोकल मुद्दे भी उठाए जाएंगे।