- योगी सरकार की ओर से एक बड़ा तोहफा: पशु चिकित्सा छात्रों का वजीफा तीन गुना बढ़ाया गया; अब हर महीने मिलेंगे ₹12,000

योगी सरकार की ओर से एक बड़ा तोहफा: पशु चिकित्सा छात्रों का वजीफा तीन गुना बढ़ाया गया; अब हर महीने मिलेंगे ₹12,000

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में, पशु चिकित्सा छात्रों के इंटर्नशिप स्टाइपेंड को तीन गुना करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी गई।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने पशु चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्रों को बड़ी राहत दी है। सोमवार को, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान, पशु चिकित्सा छात्रों के इंटर्नशिप स्टाइपेंड को तीन गुना बढ़ाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इस फ़ैसले के बाद, राज्य में पढ़ाई कर रहे पशु चिकित्सा छात्रों को पहले के मुक़ाबले ज़्यादा आर्थिक मदद मिलेगी। ख़ास तौर पर, राज्य सरकार के अनुसार, जो छात्र अभी इंटर्नशिप कर रहे हैं, उन्हें अब हर महीने ₹12,000 का स्टाइपेंड मिलेगा, जो पहले ₹4,000 प्रति माह था। छात्र लंबे समय से इस बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे; इसलिए, सरकार के इस फ़ैसले को पशु चिकित्सा छात्रों के लिए एक बड़ा तोहफ़ा माना जा रहा है।

**इन विश्वविद्यालयों के छात्रों को होगा फ़ायदा**

सरकार का यह फ़ैसला राज्य के तीन प्रमुख पशु चिकित्सा और कृषि विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे छात्रों पर लागू होगा। इनमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय और गौ अनुसंधान संस्थान, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन तीनों संस्थानों में अभी पढ़ रहे लगभग 300 छात्रों को इस फ़ैसले से सीधे तौर पर फ़ायदा होगा। कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद, बढ़ा हुआ स्टाइपेंड जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।

**पशुपालन मंत्री ने स्टाइपेंड बढ़ोतरी के पीछे का कारण बताया**

राज्य के दुग्ध विकास और पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के उन राज्यों में से एक है जहाँ पशुधन की आबादी सबसे ज़्यादा है। राज्य की ग्रामीण और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहम भूमिका है। इसलिए, पशुओं के स्वास्थ्य, उनके संरक्षण, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और पशुओं की बेहतर नस्लों के विकास के लिए प्रशिक्षित पशु चिकित्सा पेशेवरों की भूमिका को बहुत ज़रूरी माना जाता है। उन्होंने आगे बताया कि यह फ़ैसला हरियाणा, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में दिए जाने वाले इंटर्नशिप भत्तों का अध्ययन करने के बाद लिया गया, जिसका मकसद यह सुनिश्चित करना था कि उत्तर प्रदेश के छात्रों को भी बेहतर आर्थिक मदद मिल सके।

 सरकार पर ₹4.20 करोड़ का अतिरिक्त बोझ

कैबिनेट के इस फ़ैसले के बाद, राज्य सरकार पर हर साल लगभग ₹4.20 करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। सरकार के अनुसार, यह राशि विश्वविद्यालय को आवंटित 'गैर-वेतन व्यय' मद के तहत प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना ​​है कि इस वजीफे में और वृद्धि करने से छात्रों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे वे अधिक समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, यह पहल पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ करेगी।



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