- **'कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करवाया; पानी का कोई संकट नहीं है' – लूणी में ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन पर मंत्री जोगाराम का बयान**

**'कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करवाया; पानी का कोई संकट नहीं है' – लूणी में ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन पर मंत्री जोगाराम का बयान**

लूणी में पीने के पानी की समस्या को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि वह ग्रामीणों को आगे रखकर यह आंदोलन करवा रही है।

जोधपुर के लूणी विधानसभा क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या को लेकर ज़िला कलेक्टर के दफ़्तर के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद राजनीति गरमा गई है। ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन के बाद राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस प्रदर्शन को कांग्रेस द्वारा प्रायोजित बताते हुए कहा कि इलाके में पीने के पानी की कोई बड़ी समस्या नहीं है और कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि कुछ ग्रामीण उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने आए थे। उनके अनुसार, ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अपने गांवों में पर्याप्त पानी मिल रहा है, लेकिन स्थानीय कांग्रेस नेताओं के कहने पर उन्हें आंदोलन में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। पटेल ने कहा कि खुलकर सामने आने के बजाय, कांग्रेस ग्रामीणों को मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रही है और पर्दे के पीछे से राजनीति कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि विरोध-प्रदर्शन के पैमाने को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की कोशिश की गई। दावा किया गया था कि लूणी इलाके के लगभग 150 गांवों के लोग आंदोलन में भाग लेंगे, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी।

**विरोध-प्रदर्शन में कम भीड़**
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या किए गए दावों से बहुत कम थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई प्रतिभागियों को गांवों से नहीं, बल्कि शहर के बाहरी इलाकों में स्थित कृषि बस्तियों और अवैध कॉलोनियों से लाया गया था। उनके अनुसार, कांग्रेस पीने के पानी की समस्या जैसे संवेदनशील मुद्दे से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।

जोगाराम पटेल ने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर लागू आकस्मिक योजना के तहत, 1 अप्रैल से लूणी इलाके में 6,000 से अधिक टैंकर फेरों के माध्यम से 150 मिलियन (15 करोड़) लीटर से अधिक पानी की आपूर्ति की गई है।

उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल की तुलना में अभी प्रतिदिन अधिक मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा, प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी गांव को पीने के पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। 


**गाँव के स्तर पर निगरानी**
मंत्री पटेल ने बताया कि ग्राम सेवक (गाँव विकास अधिकारी), पटवारी (राजस्व अधिकारी) और अन्य अधिकारी पीने के पानी की सप्लाई की व्यवस्था पर लगातार नज़र रख रहे हैं। लोगों तक समय पर पानी पहुँचाने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टैंकर से पानी सप्लाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और नहरें बंद होने जैसी चुनौतियों के बावजूद, सरकार ने जल संसाधनों का सही ढंग से प्रबंधन किया है। उनके अनुसार, सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि निवासियों को पीने के पानी को लेकर कोई परेशानी न हो।

जोगाराम पटेल ने कांग्रेस सरकार द्वारा 'जल जीवन मिशन' को संभालने के तरीके पर भी सवाल उठाए और कहा कि लूणी क्षेत्र में कई प्रोजेक्ट जाँच और अलग-अलग कमियों के कारण रुके हुए थे।

यह मानते हुए कि हर घर तक नल से पानी पहुँचाने का लक्ष्य अभी पूरी तरह हासिल नहीं हुआ है, उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्टोरेज टैंक और तय पानी स्टोरेज जगहों पर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बारे में उन्होंने कहा कि हाईवे जाम करने जैसे मामलों में कानूनी कार्रवाई होना स्वाभाविक है और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।


**जनता को राहत देने का दावा**
मंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद क्षेत्र के लोगों को पीने के पानी की बेहतर सुविधाएँ देना है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े असली मुद्दों की कमी के कारण, कांग्रेस पार्टी पीने के पानी की स्थिति के बारे में गलत जानकारी फैलाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार सिस्टम को लगातार मज़बूत कर रही है ताकि लूणी क्षेत्र के निवासियों को पानी से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े।



Comments About This News :

खबरें और भी हैं...!

वीडियो

देश

इंफ़ोग्राफ़िक

दुनिया

Tag