इंदौर में मास्टर प्लान के अनुसार बनने वाली सड़कों के लिए राशि नगर निगम के खाते में पहुंच गई है। ऐसे में सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदारों को 10 दिन के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। सिंहस्थ से पहले इन सभी सड़कों को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ताकि उस समय शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण ट्रैफिक जाम न हो।
शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने में मास्टर प्लान की 23 सड़कें अहम भूमिका निभाएंगी। इनके निर्माण के लिए जरूरी पैसा नगर निगम के खाते में पहुंच गया है। बिल आने के 10 दिन के अंदर ठेकेदारों को भुगतान कर दिया जाएगा।
निगम ने सिंहस्थ से पहले इन सड़कों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। नगर निगम अब इन सड़कों के चौड़ीकरण में आड़े आ रहे निर्माणों को हटाने का काम शुरू करेगा। अफसरों का कहना है कि सबसे पहले सेंट्रल लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद चौड़ीकरण में बाधा बन रहे निर्माणों को हटाया जाएगा। नगर निगम बायोमीथेन प्लांट की क्षमता बढ़ाने जा रहा है
बैठक में एशिया के सबसे बड़े बायोमीथेन प्लांट की क्षमता 500 से बढ़ाकर 800 टीडीपी करने तथा इस प्लांट को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने तथा प्लांट के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
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महापौर भार्गव ने बताया कि बैठक में पोर्टल के माध्यम से टीडीआर प्रमाण पत्र जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मास्टर प्लान की 23 सड़कों और अन्य सड़कों पर जहां निगम ने चौड़ीकरण के लिए निजी जमीन ली है, वहां भूस्वामियों को हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। जिस क्षेत्र में जमीन ली जा रही है, उसे जनरेटिंग एरिया कहा जाएगा।
यह प्रमाण पत्र 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क के आसपास निर्माण के लिए बेचा जा सकेगा। पूरे शहर में जहां भी 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कें हैं, उस क्षेत्र को रिसीविंग एरिया कहा जाएगा।
बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, निरंजन सिंह चौहान, अश्विनी शुक्ला, अभिषेक शर्मा, राजेश उदावत, प्रिया डांगी, नंदकिशोर पहाड़िया, मनीष शर्मा मामा, अपर आयुक्त शामिल हुए।
महापौर ने बताया कि निगम दूसरे चरण में 14 अन्य सड़कें बनाएगा। इसके लिए निगम ने केंद्र से 400 करोड़ रुपए मांगे हैं। इन सड़कों में एमआर-5 इंदौर वायर से बड़ा बांगड़दा, पालदा तिराहा नेमावर रोड से आरई से आईएसबीटी, न्यू रेसकोर्स रिंग रोड से नरीमन पॉइंट, बाबाश्री रिसोर्ट छोटा बांगड़दा से सुपर कॉरिडोर, चंद्रभागा से कलालकुई मस्जिद शामिल हैं।
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इनमें एमआर-9 आईटीआई चौराहा से एमआर-10 चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा, पालदा इंडस्ट्रीज क्षेत्र आरई-2 से बायपास, धार रोड चंदन नगर चौराहा से एयरपोर्ट रोड, रिंग रोड से अन्नपूर्णा रोड, एमआर-9 से रोबोट चौराहा से बायपास और अनूप टॉकीज, एबी रोड तलावली चांदा से बायपास अरंडिया, बिजली नगर से कनाड़ा रोड, आईटीआई चौराहा से खातीपुरा आरओबी, एमआर-6 रोड पूर्वी रिंग रोड से समाजवादी इंदिरा नगर शामिल हैं।
बैठक में एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा मामा ने चंदन नगर, खजराना क्षेत्र में निगम द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मैंने 25 दिन पहले इन क्षेत्रों में अवैध मीट दुकानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया था। इन क्षेत्रों में अवैध जल कनेक्शनों की भरमार है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।