महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर कहा कि उनके नागपुर आगमन से पूरे विदर्भ में उत्साह का माहौल है. 47 जगहों पर उनके स्वागत की तैयारियां की गई हैं. बता दें, पीएम मोदी ने डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर पहुंचकर आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
नागपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह करीब 9 बजे नागपुर पहुंच गए हैं. पीएम मोदी ने संघ के शताब्दी वर्ष में संघ मुख्यालय का दौरा किया. प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी का संघ मुख्यालय का यह पहला दौरा है और इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है. महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर कहा कि उनके नागपुर आगमन से पूरे विदर्भ में उत्साह का माहौल है.
47 जगहों पर उनके स्वागत की तैयारियां की गई हैं. आपको बता दें, पीएम मोदी ने डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर जाकर आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी आरएसएस के स्मृति मंदिर पहुंचे और डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री मोदी नागपुर में दीक्षाभूमि भी गए। यह वह स्थान है जहां डॉ. बीआर अंबेडकर और उनके अनुयायियों ने बौद्ध धर्म अपनाया था। पीएम मोदी ने महात्मा बुद्ध की पूजा भी की। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि "विकसित और समावेशी भारत" का निर्माण भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। नागपुर की अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दीक्षाभूमि पर डॉ. बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां अंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था।
उन्होंने दीक्षाभूमि के स्तूप के अंदर जाकर वहां रखी अंबेडकर की अस्थियों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों की डायरी में हिंदी में लिखे अपने संदेश में मोदी ने कहा, "मैं अभिभूत हूं कि मुझे नागपुर में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के पांच 'पंचतीर्थों' में से एक दीक्षाभूमि पर जाने का अवसर मिला।"
उन्होंने आगे लिखा, "यहां के पवित्र वातावरण में, कोई भी बाबा साहब के सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों को महसूस कर सकता है।" उन्होंने आगे कहा कि दीक्षाभूमि लोगों को गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए समान अधिकार और न्याय की व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। पीएम मोदी ने कहा, "मुझे विश्वास है कि इस अमृत कालखंड में हम बाबासाहेब अंबेडकर के मूल्यों और शिक्षाओं के साथ देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही बाबासाहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।" पीएम मोदी आखिरी बार 2017 में दीक्षाभूमि आए थे।