साध्वी प्रेम बैसा की मौत के बाद डेक्सोना इंजेक्शन सवालों के घेरे में आ गया है। आइए जानते हैं कि यह इंजेक्शन किस काम आता है और क्या इसे लगाने से सच में मौत हो सकती है।
राजस्थान के जोधपुर से एक साध्वी की मौत की खबर ने पूरे देश को चौंका दिया है। एक तरफ आश्रम, आध्यात्मिक प्रथाओं और सनातन धर्म की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ बेडरूम वीडियो, इंस्टाग्राम पोस्ट और एक इंजेक्शन ने सवालों का तूफान खड़ा कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि साध्वी प्रेम बैसा की मौत डेक्सोना इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों में हो गई। क्या सच में यह दवा मौत की वजह हो सकती है, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? आइए जानते हैं।
डेक्सोना इंजेक्शन पर सवाल क्यों उठे हैं?
प्रेम बैसा के मामले में सबसे बड़ा आरोप डेक्सोना इंजेक्शन पर है। साध्वी के पिता और गुरु, विरमनाथ का दावा है कि जब वह बीमार थीं, तो एक प्राइवेट कंपाउंडर ने उन्हें डेक्सोना इंजेक्शन लगाया था। उनका कहना है कि इंजेक्शन लगने के करीब पांच मिनट बाद प्रेम बैसा की हालत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। इस दावे के बाद इंजेक्शन की जांच शुरू हो गई है।
डेक्सोना इंजेक्शन क्या है और यह किस काम आता है?
डॉक्टरों के अनुसार, डेक्सोना एक स्टेरॉयड दवा है जिसका इस्तेमाल एलर्जी, अस्थमा, सांस की समस्याओं, गठिया और कुछ इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। यह दवा इंजेक्शन और टैबलेट दोनों रूपों में उपलब्ध है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि सामान्य डोज में यह दवा सुरक्षित मानी जाती है और इससे सीधे मौत के मामले बहुत कम होते हैं।
तो फिर मौत कैसे हो सकती है?
डॉक्टरों का यह भी मानना है कि अगर गलत डोज दी जाए, मरीज को पहले से कोई गंभीर बीमारी हो, या बिना मेडिकल जांच के इंजेक्शन लगाया जाए तो खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, झोलाछाप या बिना क्वालिफिकेशन वाले लोगों द्वारा स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाना खतरनाक हो सकता है। कुछ मामलों में, एलर्जिक रिएक्शन या शॉक हो सकता है, जो जानलेवा हो सकता है।
साध्वी प्रेम बैसा की मौत: पूरी कहानी क्या है?
29 जनवरी, बुधवार, जोधपुर के आरती नगर इलाके में। कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु के तौर पर जानी जाने वाली प्रेम बैसा को तबीयत बिगड़ने के बाद उनके आश्रम से प्रेक्षा अस्पताल लाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। उनकी मौत की पुष्टि होने के बाद, शव को आश्रम लौटा दिया गया, लेकिन यहीं से कहानी में एक रहस्यमयी मोड़ आया।
मौत के बाद इंस्टाग्राम पोस्ट से शक बढ़ा
आध्यात्मिक गुरु की मौत के लगभग चार घंटे बाद, उनके ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट दिखाई दिया। पोस्ट में लिखा था, "सनातन... अग्नि परीक्षा... और न्याय।" यह पोस्ट तेज़ी से वायरल हो गया। सवाल उठे: जब आध्यात्मिक गुरु की मौत हो चुकी थी, तो यह पोस्ट किसने किया? उनका फ़ोन किसके पास था? क्या यह किसी तरह का मैसेज था, या किसी और ने जानबूझकर इसे पोस्ट किया?
पुलिस जांच और अब तक की गई कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने एक प्राइवेट कंपाउंडर को हिरासत में लिया है। खाली इंजेक्शन की शीशियां ज़ब्त कर ली गई हैं, और आश्रम को सील कर दिया गया है। मौत की वजह पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच की जा रही है। मौत का असली वजह क्या थी? पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इंस्टाग्राम पोस्ट किसने और क्यों किया था।