BJP ने अभी तक राज्यसभा की चार सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है। उम्मीद है कि 6 जून को इसका ऐलान किया जाएगा। हालांकि, इस बार ऐसी संभावना है कि गुजरात से राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व घटकर शून्य हो जाएगा।
गुजरात में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव 18 जून को होने हैं। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 8 जून है। अभी तक न तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) और न ही कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। BJP सूत्रों के मुताबिक, संसदीय बोर्ड की बैठक में उम्मीदवारों के नाम पहले ही तय कर लिए गए हैं, और नामांकन दाखिल करने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उम्मीद है कि 6 जून को उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा।
**चुनाव की तैयारियां और BJP की रणनीति**
गुजरात विधानसभा में कुल 181 सदस्य हैं। BJP के पास अभी 161 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 12 और AAP के पास 4 विधायक हैं। AAP के एक विधायक को निष्कासित कर दिया गया है, और दो निर्दलीय विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए लगभग 37 वोटों की ज़रूरत होती है। इस स्थिति को देखते हुए—और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि BJP के पास ज़रूरी बहुमत से कहीं ज़्यादा ताकत है—चारों सीटों पर उसकी जीत पक्की मानी जा रही है। नतीजतन, कांग्रेस या AAP जैसी विपक्षी पार्टियों के अपने उम्मीदवार खड़े करने की संभावना कम ही है। इसका नतीजा यह होगा कि गुजरात से राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
**ऐतिहासिक संदर्भ**
यह ध्यान देने लायक बात है कि शुरुआती राज्यसभा चुनावों के दौरान—खास तौर पर 1952 और 1960 के बीच—गुजरात एक अलग राज्य के तौर पर मौजूद नहीं था। उस समय (1952 में), बॉम्बे राज्य को 17 सीटें, सौराष्ट्र को 4 और कच्छ को 1 सीट आवंटित की गई थी। 1956 में, बॉम्बे राज्य को कुल 27 सीटें आवंटित की गईं।
**1 मई, 1960 से:** बॉम्बे राज्य के पुनर्गठन के बाद, गुजरात राज्य का गठन हुआ और उसे राज्यसभा की 11 स्थायी सीटें आवंटित की गईं। यह संख्या आज तक वैसी ही बनी हुई है।
**1960–1990 के दशक:** शुरुआती सालों में, कांग्रेस पार्टी का दबदबा था। चूंकि गुजरात में कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही, इसलिए राज्यसभा की ज़्यादातर सीटें उसी के नियंत्रण में रहीं।
**1990 के बाद:** BJP के उभार के साथ, राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व धीरे-धीरे बढ़ा। 2014 के बाद, BJP ने लगभग सभी सीटें हासिल कर लीं।
**2020–2026:** BJP ने गुजरात से राष्ट्रीय स्तर के नेताओं—जैसे जे.पी. नड्डा और एस. जयशंकर—को भी राज्यसभा भेजा है। फिलहाल, 10 BJP सदस्य और 1 कांग्रेस सदस्य (शक्तिसिंह गोहिल) हैं।
यह ध्यान देने लायक है कि शक्तिसिंह गोहिल (कांग्रेस), साथ ही नरहरि अमीन, रामभाई मोकरिया और रमीला बेन बारा (BJP) का कार्यकाल 2026 के चुनावों से पहले खत्म होने वाला है। मौजूदा तीन सांसदों को दोबारा नामित करने के बजाय, BJP नए चेहरों को मौका देने का विकल्प चुन सकती है।
**उम्मीदवारों से जुड़े सामाजिक समीकरण**
BJP स्थानीय चेहरों पर ज़ोर दे रही है, हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। ऐसी उम्मीद है कि इस बार, उम्मीदवारों का चयन एक खास सामाजिक समीकरण के आधार पर हो सकता है: एक पाटीदार, एक OBC, एक SC/ST, और एक महिला उम्मीदवार। 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, ज़मीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।