ज्ञानेश कुमार के पिता, सुबोध गुप्ता ने कहा कि जब दक्षिण में वोटिंग होती है और ये पार्टियां जीतती हैं, तो कोई भी आपत्ति नहीं उठाता या सवाल नहीं करता; उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए यह [जांच-पड़ताल] ज़रूरी थी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर पर विरोध प्रदर्शन किया और "वोट चोर" और "गद्दार" जैसे नारे लगाए। कुछ कार्यकर्ताओं ने तो अपमानजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया। घटना के समय मुख्य चुनाव आयुक्त के बुजुर्ग माता-पिता घर पर मौजूद थे; उन्होंने अपना दुख जताया और प्रार्थना की कि भगवान उन लोगों की बुद्धि ठीक करें जिन्होंने उनके घर पर ऐसा माहौल बनाया।
ज्ञानेश कुमार का पैतृक घर आगरा के विजयनगर इलाके में है। कुछ दिन पहले, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, उनके घर पर कालिख पोती थी और परिसर में अपमानजनक शब्द लिखे थे। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया।
**वैश्य समुदाय ने घर की शुद्धि की रस्म निभाई**
इस घटना के विरोध में, अखिल भारत माथुर वैश्य समाज की महिलाओं ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ एक मार्च निकाला, जो विजयनगर के राधा कृष्ण मंदिर से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में महिलाएं ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर तक गईं, जहां उन्होंने पूरे घर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धि की रस्म निभाई और भजन-कीर्तन के बीच शंख बजाया। समुदाय के सदस्यों ने कहा कि अगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ज्ञानेश कुमार से कोई शिकायत है, तो उन्हें दिल्ली में उनके आवास पर विरोध करना चाहिए, न कि उनके बुजुर्ग माता-पिता के घर को निशाना बनाना चाहिए।
गौरतलब है कि SP और कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आगरा में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान, उनके पैतृक घर पर "वोट चोर" और "गद्दार" जैसे अपमानजनक शब्द लिखे गए थे। माथुर वैश्य समुदाय के सदस्यों ने उस घटना के विरोध में यह शुद्धि समारोह आयोजित किया।
**कांग्रेस के विरोध पर माता-पिता ने जताई नाराज़गी**
समुदाय के लोगों ने कांग्रेस के विरोध को गलत बताया और कहा कि बुजुर्ग माता-पिता के घर पर ऐसा माहौल बनाना ठीक नहीं था। ज्ञानेश कुमार के पिता, सुबोध गुप्ता ने भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार की देखरेख में चल रही SIR प्रक्रिया को लेकर कई आपत्तियां उठाई जा रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि SIR जैसी प्रक्रिया ज़रूरी है ताकि यह पक्का किया जा सके कि सभी को वोट देने का अधिकार मिले और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
सुबोध गुप्ता ने आगे कहा कि जब ये पार्टियां दक्षिण में चुनाव जीतती हैं, तो कोई आपत्ति नहीं उठाता और न ही कोई समस्या होती है। वहीं, उनकी मां सत्यवती देवी ने बताया कि घर में बने माहौल के कारण ही शुद्धिकरण की रस्म की गई; घर में गंगाजल छिड़का गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस रस्म से न सिर्फ़ उनके अपने मन शुद्ध होंगे, बल्कि उन लोगों के मन भी शुद्ध होंगे जो उनके घर आए थे और ऐसा बुरा माहौल बनाया था।