मधेपुरा के खुर्दा महोत्सव में, सांसद पप्पू यादव ने घोषणा की कि जो कोई भी किसी महिला के साथ छेड़छाड़ करने वाले व्यक्ति का हाथ काटकर उनके पास लाएगा, उसे दो लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस बयान ने महिलाओं की सुरक्षा और हिंसा भड़काने वाली भाषा के इस्तेमाल को लेकर एक बहस छेड़ दी है।
पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन, जिन्हें पप्पू यादव के नाम से जाना जाता है, अपने हालिया बयान की वजह से चर्चा में आ गए हैं। मधेपुरा जिले के कुमारखंड ब्लॉक में स्थित अपने पैतृक गांव खुर्दा में दुर्गा महोत्सव के उद्घाटन के दौरान, उन्होंने एक विवादित बयान दिया। सांसद ने कहा कि जो कोई भी किसी महिला के साथ छेड़छाड़ करने वाले व्यक्ति का हाथ काटकर उनके पास लाएगा, उसे वे इनाम देंगे। हालांकि उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है, लेकिन हिंसा का आह्वान करने के कारण उनकी काफी आलोचना हो रही है।
खुर्दा महोत्सव में लोगों को संबोधित करते हुए, पप्पू यादव ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ एक बड़ा संघर्ष छेड़ा जाएगा। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि जो कोई भी ऐसे अपराधी का हाथ काटकर उनके पास लाएगा, उसे दो लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ यह लड़ाई महाभारत से भी बड़ी होगी।
**सोशल मीडिया पर बहस**
सांसद के इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक कड़े संदेश के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य अपराध के जवाब में हिंसा की वकालत करने पर सवाल उठा रहे हैं। इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि अपराध रोकने में ऐसे बयान वास्तव में कितने प्रभावी हो सकते हैं।
**कानून को अपने हाथ में लेने पर सवाल**
महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और अन्य अपराध गंभीर मुद्दे हैं, और लंबे समय से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जाती रही है। हालांकि, किसी का हाथ काट देने का सुझाव देना हिंसा के लिए उकसाने जैसा माना जा सकता है। किसी अपराध के लिए सजा तय करने का अधिकार केवल कानून और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आता है। सांसद की इस इनाम वाली घोषणा ने कई और सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
**खुरदा महोत्सव का क्या महत्व है?**
मधेपुरा जिले के कुमारखंड ब्लॉक में स्थित खुरदा गांव, पप्पू यादव का पैतृक गांव है। यहां दुर्गा पूजा के अवसर पर एक उत्सव और मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें कुश्ती और कबड्डी जैसी खेल प्रतियोगिताएं, साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। इस साल, महोत्सव के दौरान एक सांसद (MP) द्वारा दिए गए बयान ने इस आयोजन को चर्चा में ला दिया है।