मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगे आरोपों और SIR (स्पेशल इंटरनल रिपोर्ट) के मुद्दे पर चल रहे विवाद के बीच, चुनाव आयोग ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। बयान में साफ़ किया गया है कि SIR से जुड़े सभी फ़ैसले तीनों आयुक्तों ने सर्वसम्मति से लिए थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों और SIR के मुद्दे पर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने आज एक आधिकारिक बयान जारी किया। आयोग ने चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों को लेकर हुए विवाद पर बिंदुवार स्पष्टीकरण दिया। भारत के चुनाव आयोग के महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल ने बयान जारी कर कहा, "आज, 26 सितंबर 2026 को, नई दिल्ली के निर्वाचन सदन में भारत के चुनाव आयोग की बैठक हुई। आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के विशेष सारांश संशोधन (SIR) से संबंधित सभी निर्णय तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मत सहमति से और कानूनी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करते हुए लिए गए थे।"
**विवादों के बीच बैठक... पत्र के संबंध में बयान जारी**
लगातार चल रहे विवादों के बीच हुई चुनाव आयोग की अहम बैठक के बाद जारी बयान में यह स्पष्ट किया गया कि कैबिनेट सचिव को लिखा गया पत्र किसी नीतिगत मामले से संबंधित नहीं था; बल्कि, यह डेप्युटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर आए एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था।
इन विवादों के बीच, चुनाव आयोग की आज दिल्ली में बैठक हुई; मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी शामिल हुए। EC की प्रेस विज्ञप्ति में SIR प्रक्रिया और आयोग के कामकाज के तरीकों से संबंधित निर्णयों की घोषणा की गई। इसके अलावा, आयोग ने कैबिनेट सचिव को संधू और जोशी द्वारा लिखे गए पत्र के संबंध में अपना रुख स्पष्ट किया, जैसा कि *द इंडियन एक्सप्रेस* (23 सितंबर) ने रिपोर्ट किया था।
**CEC के साथ दिखे दोनों चुनाव आयुक्त**
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने शनिवार दोपहर नई दिल्ली के निर्वाचन सदन में मुलाकात की। विज्ञप्ति के साथ एक तस्वीर भी जारी की गई जिसमें तीनों एक ही मेज पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। यह बैठक एक ऐसे विवाद के बीच हुई जिसमें मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि संधू और जोशी ने कई बार SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताई थी।
**CEC के खिलाफ एकजुट हुईं विपक्षी पार्टियां**
विपक्षी पार्टियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकजुट हो रही हैं। इससे पहले... कांग्रेस ने देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए हैं और अब 30 सितंबर को INDIA गठबंधन की एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। जहां कांग्रेस का कहना है कि ज्ञानेश कुमार के लिए सरकारी गवाह बनना ही बेहतर होगा, वहीं अखिलेश और केजरीवाल उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।