हुमायूं कबीर ने सुवेंदु अधिकारी की मौत के लिए अल्लाह से दुआ करते हुए एक विवादित बयान दिया है। इससे राजनीतिक हंगामा मच गया है। उन्होंने यह बयान मुर्शिदाबाद में दिया।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रविवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब 'आम जनता उन्नयन पार्टी' (AJUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने सुवेंदु अधिकारी की जल्द मौत की कामना करते हुए एक विवादित टिप्पणी की। कबीर ने उन राजनीतिक नेताओं का भी ज़िक्र किया जिनकी हत्या कर दी गई थी या जिनकी दुर्घटनाओं में मौत हो गई थी। इस विवादित बयान पर बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी है।
मुर्शिदाबाद में मीडिया से बात करते हुए, कबीर ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के साथ-साथ अन्य राजनीतिक हस्तियों का ज़िक्र करते हुए कहा, "भगवान उनकी टिकट बुक कर दें। मैं भगवान से प्रार्थना करूंगा कि वह जल्द से जल्द इस दुनिया से चले जाएं। अल्लाह उनकी टिकट बुक कर दें। इससे उनके अहंकार का अंत हो जाएगा।"
इसके अलावा, नाओडा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक ने उन राजनीतिक नेताओं का भी ज़िक्र किया जिनकी अस्वाभाविक मौत हुई थी, जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया जैसी हस्तियों का उदाहरण दिया गया।
हुमायूं कबीर की यह टिप्पणी मुर्शिदाबाद में बढ़ी हुई राजनीतिक सरगर्मी के बीच आई है, जहां 6 अक्टूबर को रेजीनगर सीट के लिए उपचुनाव होने वाला है। कबीर ने 2026 के विधानसभा चुनावों में नाओडा सीट बरकरार रखने के बाद रेजीनगर सीट छोड़ दी थी।
हुमायूं कबीर के बयान पर बीजेपी ने क्या कहा?
टिप्पणी की निंदा करते हुए, बीजेपी नेता शरद्वत मुखोपाध्याय ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के कारण किसी विरोधी की मौत की कामना करना उचित नहीं ठहराया जा सकता।
मुखोपाध्याय ने कहा कि बंगाल में राजनीतिक मर्यादा का स्तर बहुत गिर गया है। उन्होंने कहा, "मैं कभी सोच भी नहीं सकता था कि कोई इतनी बेशर्मी से ऐसी बात कह सकता है। कोई सुवेंदु अधिकारी को पसंद न करे या उनकी नीतियों से असहमत हो, लेकिन किसी की मौत की कामना करने की मैं कड़ी निंदा करता हूं। वह किसी की मेहरबानी से मुख्यमंत्री नहीं बने; जनता ने उन्हें इस पद के लिए चुना है।
हुमायूं कबीर को यह कहावत याद रखनी चाहिए: 'किसी के श्राप देने से गाय नहीं मरती।'" **रेजीनगर सीट को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज**
हुमायूं कबीर पहले अलग-अलग समय पर बीजेपी, कांग्रेस और टीएमसी से जुड़े रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाई है। इस साल हुए विधानसभा चुनावों में उन्होंने रेजीनगर और नाओडा, दोनों सीटें जीतीं। उन्होंने नाओडा सीट अपने पास रखी और रेजीनगर सीट छोड़ दी, जिससे वहां उपचुनाव की नौबत आ गई। बीजेपी ने रेजीनगर से सखराव सरकार को मैदान में उतारा है, जबकि टीएमसी ने रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया है। वहीं, टीएमसी नेता रिताब्रता बनर्जी के गुट ने सफियुज्जमां शेख को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफ़ी को मैदान में उतारा है। कबीर ने अपने बेटे गुलाम नबी आज़ाद को चुनावी मैदान में उतारा है। नतीजतन, रेजीनगर सीट पर राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई है।