दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मंत्री प्रवेश वर्मा पर तीखा हमला करते हुए एक आम नागरिक को थप्पड़ मारने की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि जनता पहले से ही परेशान है, फिर भी उनके सवालों का जवाब थप्पड़ से दिया जा रहा है।
PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा का आक्रामक रवैया BJP के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। जिस घटना में वर्मा ने गुस्से में आकर एक नागरिक को थप्पड़ मारा, उसने विपक्षी दलों को BJP और दिल्ली सरकार दोनों पर हमला करने का नया मौका दे दिया है; उन्होंने इसे एक बड़ा मुद्दा बना लिया है और प्रशासन के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।
इस संदर्भ में, दिल्ली कांग्रेस ने भी मंत्री के व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। राज्य कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इस घटना की निंदा की, खासकर उस नागरिक को थप्पड़ मारने की घटना की, जिसने तिलक नगर में सड़कों की खराब हालत के बारे में सवाल उठाए थे।
यादव ने कहा कि खराब सड़कों के कारण पूरी दिल्ली की जनता परेशान है; जब एक नागरिक ने यह मुद्दा उठाया, तो मंत्री ने थप्पड़ मारकर जवाब दिया—जिसे उन्होंने शर्मनाक हरकत बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को जनता की चिंताओं का जवाब अच्छी सड़कें बनाकर देना चाहिए, न कि थप्पड़ मारकर, और उन्होंने इस घटना पर BJP सरकार से तुरंत जवाब की मांग की।
**जनता का सवाल पूछने का अधिकार**
देवेंद्र यादव ने कहा कि जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाने पर किसी नागरिक के साथ मारपीट करना या उसे थप्पड़ मारना गंभीर चिंता का विषय और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जन-प्रतिनिधियों को लोगों से सवालों की उम्मीद रखनी चाहिए और सरकार का यह दायित्व है कि वह उनका जवाब दे। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में नागरिकों को सड़कों, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के बारे में अपने प्रतिनिधियों और सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।
यादव ने आगे कहा कि दिल्ली की जनता ने किसी भी जन-प्रतिनिधि को यह अधिकार नहीं दिया है कि वे अपनी शिकायतों के बारे में सवाल पूछने वाले नागरिकों का अपमान करें। आज दिल्ली के हर हिस्से में सड़कें खस्ताहाल हैं और जनता अधिकारियों से सवाल पूछ रही है; ऐसे सवालों का जवाब सड़कें ठीक करके और समस्याओं का समाधान करके दिया जाना चाहिए, न कि लोगों को थप्पड़ मारकर।
अंत में, उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता टूटी सड़कों, खराब नागरिक सुविधाओं और रोज़मर्रा की मुश्किलों का समाधान चाहती है। जनता की आवाज़ दबाने से न तो सड़कें ठीक होंगी और न ही समस्याएँ हल होंगी।