कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को चुनावों में "मैच-फिक्सिंग" की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी।
राहुल गांधी ने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ज़ुबानी हमला करते हुए बड़ा आरोप लगाया है। अपने X (पहले ट्विटर) हैंडल पर राहुल ने लिखा कि ज्ञानेश कुमार—जो उस समय एक कार्यरत IAS अधिकारी थे—का इस्तेमाल शुरू में BJP के लिए सदस्य बनाने में किया गया था। बाद में, मोदी और शाह ने उन्हें अंपायर के तौर पर नियुक्त किया और भारत के चुनावों में मैच-फिक्सिंग की ज़िम्मेदारी सौंप दी।
राहुल गांधी ने ये आरोप एक ट्वीट का जवाब देते हुए लगाए, जिसमें ज्ञानेश कुमार के बारे में अहम जानकारी सामने आई थी। केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन का दावा है कि ज्ञानेश कुमार ने उनसे संपर्क किया था और उन्हें BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने और मंत्री पद देने की पेशकश की थी। BJP सांसद ने राहुल को जवाब दिया
BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी दल—खासकर कांग्रेस और राहुल गांधी—अखबार की एक रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग पर बेबुनियाद और शर्मनाक आरोप लगा रहे हैं। हम इसकी निंदा करते हैं... चुनाव आयोग ने आज औपचारिक रूप से एक प्रेस नोट जारी किया है। आज हुई बैठक में तीनों चुनाव आयुक्त मौजूद थे—वही लोग जिनका ज़िक्र न्यूज़ रिपोर्ट में किया गया है। नोट में साफ़ किया गया है कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) से जुड़े सभी फ़ैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे।"
विवादों के बीच चुनाव आयोग की बैठक
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी ने शनिवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय में एक अहम बैठक की; तीनों की एक साथ वाली तस्वीर भी सामने आई। गौरतलब है कि यह बैठक चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट के चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) पर उठ रहे सवालों के बीच हुई। बैठक के बाद एक विस्तृत प्रेस नोट जारी किया गया, जिसमें SIR प्रक्रिया, ECINet, फ़ॉर्म 6, दावों और आपत्तियों, और कैबिनेट सचिव को भेजे गए आंतरिक संचार से जुड़े हालिया सवालों पर लिए गए फ़ैसलों की जानकारी दी गई।