राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि चुनाव हारने के बाद वे हंगामा खड़ा करते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि वे भारत की जनता से माफ़ी मांगें। जानिए मुख्यमंत्री हिमंत ने और क्या कहा।
चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठने के बाद 'SIR' मुद्दे को लेकर देश भर में एक बार फिर राजनीतिक हंगामा मच गया है। इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के लिए भारतीय जनता से माफ़ी मांगने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ़ वे बार-बार चुनाव आयोग पर हमला करते रहे और आरोप लगाते रहे कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने एकतरफा फ़ैसले लिए, वहीं दूसरी तरफ़ पूरे आयोग ने कल साफ़ कर दिया कि सभी फ़ैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।
**चुनाव हारने पर राहुल गांधी हंगामा करते हैं**
कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "आपने लोगों के मन में भ्रम पैदा करने की कोशिश क्यों की? आपका आधार क्या था? आपने चुनाव आयोग पर हमला क्यों किया? राहुल गांधी एक के बाद एक संस्था पर हमला कर रहे हैं। जब भी वे चुनाव हारते हैं - चाहे बंगाल में हो, असम में हो या कहीं और - वे तुरंत इस तरह का ड्रामा शुरू कर देते हैं। लोग उन्हें देख रहे हैं, और आप देखेंगे कि जनता उन्हें सज़ा देती रहेगी।"
**राहुल गांधी ने सीधे ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा**
इस बीच, कांग्रेस सरकार और चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि मोदी और शाह ने उनके साथ "मैच-फ़िक्सिंग" की है। हालाँकि, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी नेता नितिन नवीन ने कहा कि 'SIR' को लेकर जनता को गुमराह करने की साज़िश का पर्दाफ़ाश हो गया है और कांग्रेस झूठ के सहारे संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही है। SIR प्रक्रिया को लेकर मतभेदों की अटकलें खत्म हुईं।
इस बीच, पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग को लेकर चल रही अटकलें आखिरकार खत्म हो गई हैं। पिछले शनिवार को चुनाव आयोग की एक उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विनीत जोशी शामिल हुए। बैठक के दौरान, SIR प्रक्रिया को लेकर मतभेदों के बारे में लगाई जा रही अटकलों पर विराम लग गया। SIR प्रक्रिया से जुड़ी मतदाताओं की दिक्कतों को दूर करने के लिए भी अहम फैसले लिए गए।
चुनाव आयोग की बैठक में 9 फैसले लिए गए
इसके अलावा, तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से जारी एक प्रेस नोट में SIR प्रक्रिया, नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 में संशोधन और दो चुनाव आयुक्तों द्वारा कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र को लेकर बनी उलझन पर स्थिति स्पष्ट की गई। विवाद शुरू होने के बाद पहली बार हुई चुनाव आयोग की इस पूर्ण बैठक में कुल नौ फैसले लिए गए—जिनमें से पांच सीधे तौर पर उन समस्याओं को हल करने पर केंद्रित थे जिनका सामना मतदाता चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान कर रहे थे। इससे पहले, पवन खेड़ा मामले पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि कानून अपना काम करेगा।